बिहार विधानसभा चुनाव में AIMIM के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने सीएए-एनआरसी का मुद्दा फिर से गरमा दिया है. उन्होंने कहा कि भारत के मुसलमान बच्चे नहीं जो मोहन भागवत की झूठी बातों में आ जाएंगे. साथ ही उन्होंने आरजेडी और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला. उन्होंन कहा कि बीजेपी और आरएसएस के द्वारा सीमांचल में बसे लोगों को घुसपैठी कहा जा रहा था तो उस वक्त आरजेडी और कांग्रेस ने अपना मुंह नहीं खोला. ये कितनी अफसोस जनक बात है.
किशनगंज में आयोजित चुनावी सभा के दौरान ओवैसी ने कहा कि मोहन भागवत को समझना चाहिए कि हम भारत के मुसलमान छोटे बच्चे नहीं हैं जो इनके गलत बात में आकर यकीन कर लेंगे. उन्होंने कहा कि मोहन भागवत किसकी आंखों में धूल झोंक रहे हैं. हमने प्रोटेस्ट किया ये हमारे डेमोक्रेटिक राइट हैं. कोरोना की वजह से प्रोटेस्ट रुका था, लेकिन जब हालत सामान्य होंगे तो प्रोटेस्ट फिर शुरू होगा.
वहीं उन्होंने कहा कि सीएए ऐसा कानून है जो संविधान के खिलाफ हैं, जो हमारे संविधान के मूल भावना के खिलाफ हैं. असम का उदाहरण हमारे सामने है जहां सुप्रीम कॉर्ट के मॉनिटरिंग में एनआरसी हुआ. उसमें 20 लाख लोगों के नाम नहीं आए जिसमें 5 लाख मुसलमान थे और 15 लाख गैर मुस्लिम. इस मुद्दे पर असम के नेता हेमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि हम सीएए के माध्यम से नागरिकता दे देंगे.
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार की जनता से झूठ कहा कि जब सीएए-एनआरसी होगा तो वो 2010 के आधार पर नहीं होगा. वो भारत सरकार के आधार पर होगा. जिसमें साफ कहा गया है कि, जब रजिस्टर बनेगा तो कोई भी ऑब्जेक्शन कर सकता है. तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने फैसला किया कि वहां सीएए और एनआरसी नहीं होगा.
(इनपुट-गौरव कुमार)
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