बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में भोरे विधानसभा सीट पर इस बार दमदार मुकाबला देखने को मिल सकता है. साल 2015 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर कांग्रेस ने जीत हासिल की थी. कांग्रेस के अनिल कुमार भोरे से मौजूदा विधायक हैं. वहीं बीजेपी को इस सीट से हार का सामना करना पड़ा था.
बिहार की भोरे विधानसभा सीट से अनिल कुमार ने 2015 विधानसभा चुनाव में 14871 वोटों से जीत हासिल की थी. इस सीट पर बीजेपी के इंद्रदेव मांझी को 2015 के चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था. वहीं अनिल कुमार ने एक बार फिर कांग्रेस की टिकट पर जीत हासिल की.
इस विधानसभा सीट पर 3 नवंबर 2020 को मतदान हुआ. वहीं 10 नवंबर को मतगणना की जाएगी. इस सीट से लोक जनशक्ति पार्टी ने पुष्पा देवी को टिकट दी है. वहीं जेडीयू से सुनील कुमार चनावी मैदान में हैं. यहां 53.54 फीसदी मतदान हुआ.
भोरे विधानसभा सीट
भोरे विधानसभा बिहार के गोपालगंज जिले में स्थित है. 2011 की जनगणना के अनुसार यहां कुल 442067 आबादी में से 95.43% ग्रामीण है और 4.57% शहरी आबादी है. कुल जनसंख्या में से अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) का अनुपात क्रमशः 14.27 और 3.31 है. 2019 की मतदाता सूची के अनुसार इस निर्वाचन क्षेत्र में 336649 मतदाता और 366 मतदान केंद्र हैं.
2015 विधानसभा चुनाव
भोरे विधानसभा सीट पर 2015 के विधानसभा चुनाव में अनिल कुमार को 74365 वोट हासिल हुए थे. वहीं दूसरे नंबर पर बीजेपी के इंद्रदेव मांझी को 59494 वोट हासिल हुए थे. 2015 के विधानसभा चुनाव में कुल मतदाता 319449 थे. वहीं कुल 167777 लोगों ने वोट दिया था. 2015 के विधानसभा चुनावों में यहां 52.53% मतदान किया था. 2015 में बीजेपी को 35.46% और कांग्रेस को 44.32% वोट मिले थे.
विधायक के बारे में
अनिल कुमार भोरे विधानसभा सीट से मौजूदा विधायक हैं. 27 अप्रेल 1959 को उनका जन्म पटना में हुआ था. अनिल कुमार ने बीएससी तक की शिक्षा हासिल की है. उनकी पत्नी का नाम रीना चौधरी है और उनके दो बेटे हैं. अनिल कुमार ने 1985 में राजनीति में प्रवेश किया था. 1985 में अनिल कुमार ने बिहार विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी. फरवरी 2005 में भी अनिल कुमार ने जीत हासिल की थी. वहीं 1992-98 और 1998-2004 तक अनिल कुमार राज्यसभा से सदस्य भी रह चुके हैं.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
भोरे विधानसभा सीट पर अनिल कुमार की पकड़ काफी मजबूत मानी जाती है. कांग्रेस की टिकट पर 1985 में भोरे से अनिल कुमार जीते थे. हालांकि 1990 में उनको हार का सामना करना पड़ा था. इसके बाद आरजेडी की टिकट पर 2005 में फरवरी और अक्टूबर में हुए चुनाव में अनिल कुमार ने जीत हासिल की थी. वहीं 2015 में एक बार फिर कांग्रेस की टिकट पर अनिल कुमार जीते. 2010 के चुनाव में इस सीट से बीजेपी के इंद्रदेव मांझी चुने गए थे.