बिहार की सियासत में बाहुबली नेताओं का अपना राजनीतिक वर्चस्व कायम हैं. ऐसे में संगीन अपराधों के लिए सजा पाए बाहुबली भले ही चुनावी मैदान में खुद न उतर पा रहे हैं, लेकिन अपने राजनीतिक वजूद को बचाए रखने के लिए अपनी पत्नियों से उम्मीद लगाए बैठे हैं. इस बार के विधानसभा चुनाव में कई दंबग और बाहुबली नेता की पत्नियां चुनावी मैदान में उतरकर विधानसभा पहुंचने की जुगत में हैं.
आरजेडी ने पहले चरण की 41 सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नाम का ऐलान किया है. इसमें कई बाहुबली नेताओं की पत्नियों को आरजेडी ने टिकट देकर मैदान में उतरा है. इनमें आरा जिले के संदेश विधानसभा क्षेत्र से बाहुबली नेता अरुण यादव की पत्नी किरण देवी को मैदान में उतारा है. अरुण यादव फरार चल रहे हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है.
ऐसे ही सजायाफ्ता बाहुबली राजबल्लभ यादव की पत्नी विभा देवी को नवादा सीट पर आरजेडी ने प्रत्याशी बनाया है. विभा देवी 2019 का लोकसभा चुनाव आरजेडी से लड़ चुकी हैं, लेकिन जीत नहीं सकीं. मौजूदा समय में राजबल्लभ यादव जेल में बंद हैं और उनकी राजनीतिक विरासत को उनकी पत्नी विभा देवी संभाल रही हैं. नवादा में राजबल्लभ की अपनी सियासी तूती बोलती है.
मौजूदा विधायक कुन्ती देवी को आरजेडी ने एक बार फिर गया जिले के अतरी विधानसभा क्षेत्र से चुनावी मैदान में में उतरा है. इनके पति राजेंद्र यादव मौजूदा समय में हत्या के एक मामले में जेल में सजा काट रहे हैं जबकि कई अन्य अपराधिक मामले भी इन पर चल रहे हैं.
बाहुबली सांसद आनन्द मोहन की पत्नी लवली आनंद ने आरजेडी का दामन थाम लिया है. माना जा रहा है कि सहरसा जिले की किसी सीट से उन्हें प्रत्याशी बनाया जा सकता है. बाहुबली आनंद मोहन सहरसा जेल में पूर्व जिलाधिकारी जी कृष्णैया हत्याकांड के मामले में सजा काट रहे हैं और उनकी विरासत उनकी पत्नी लवली आनंद संभाल रही हैं. आरजेडी से बाहुबली विधायक सुरेंद्र यादव को बेलागंज से टिकट दिया गया है. सुरेंद्र 1990 से लगातार विधायक हैं जबकि जहानाबाद से सुदय यादव का नाम भी दबंगों में शुमार रहा है. मोकामा से आनंत सिंह को आरजेडी ने प्रत्याशी बनाया है, जो फिलहाल जेल में बंद हैं.
जेडीयू ने गया जिले के अतरी सीट से मनोरमा देवी को टिकट दिया है. मनोरमा देवी कार को साइड नहीं देने के कारण हत्या करने वाले रॉकी यादव की मां और दबंग रहे बिंदी यादव की पत्नी हैं. इस समय मनोरमा देवी स्थानीय प्राधिकार क्षेत्र से विधान पार्षद सदस्य हैं. रॉकी की गया जिले में सियासी तूती बोलती है.
इसी तरह नवादा क्षेत्र की मौजूदा निर्दलीय विधायक पूर्णिमा यादव और उनके पति निर्दलीय विधायक कौशल यादव को जेडीयू ने टिकट दिया है. कौशल पर राजस्व घोटाले समेत कई अन्य अपराधिक मामले चल रहे हैं और राजबल्लभ से उनके छत्तीस के आंकड़े हैं.
आरजेडी विधायक बीमा भारती इस चुनाव में पाला बदलकर जेडीयू के टिकट पर रूपौली विधानसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में हैं. बीमा के पति अवधेश मंडल के ऊपर हत्या, रंगदारी जैसे करीब एक दर्जन से ज्यादा मामले हैं. लालगंज के विधायक मुन्ना शुक्ला मंत्री वृजबिहारी प्रसाद की हत्याकांड में दोषी करार दिए गए हैं लेकिन इस चुनाव में उनकी पत्नी अन्नु शुक्ला जेडीयू से ताल ठोंक रही हैं.
इसी तरह बक्सर जिले के शाहपुर विधानसभा क्षेत्र की विधायक मुन्नी देवी और खगडिया की पूनम देवी एक बार फिर अपने पति के सहारे चुनाव मैदान में उतर चुकी हैं. मुन्नी के पति भुअर ओझा और देवर विमेश्वर ओझा कई अपराधिक मामले में आरोपी है जबकि पूनम के पति रणवीर यादव पर भी कई अपराधिक मामले चल रहे हैं.
बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव में भी बाहुबली पूर्व सांसद शहाबुद्दीन ने अपनी पत्नी हिना शहाब, पप्पू यादव ने अपनी मां शांति देवी, बाहुबली पूर्व सांसद सूरजभान ने अपनी पत्नी वीणा देवी को चुनाव मैदान में उतारा था लेकिन इन सभी को चुनावों में मुंह की खानी पड़ी थी. अब देखना है कि इस बार के चुनाव में सूबे के बाहुबली अपनी पत्नियों व रिश्तेदारों को सत्ता तक पहुंचा पाते हैं या नहीं.