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Bihar Exit Poll: बिहार में बड़ा खेल करने में नाकाम रहे छोटे दल

बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए अंतिम चरण का मतदान समाप्त हो चुका है. इसके साथ ही बिहार की सभी 243 विधानसभा सीटों पर चुनावी मैदान में उतरे उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो चुकी है. चुनाव के नतीजे 10 नवंबर को आएंगे. लेकिन अंतिम परिणामों से पहले बिहार के मूड का हाल आजतक के एग्जिट पोल से सामने आ चुका है.

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इन चुनावों में छोटे दलों ने भी किए थे गठबंधन
इन चुनावों में छोटे दलों ने भी किए थे गठबंधन
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बिहार में 10 नवंबर को होगी वोटों की गिनती
  • बिहार में तीन चरणों में हुए विधानसभा चुनाव
  • इंडिया टुडे-एक्सिस-माय-इंडिया ने किया एग्जिट पोल

बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए अंतिम चरण का मतदान समाप्त हो चुका है. इसके साथ ही बिहार की सभी 243 विधानसभा सीटों पर चुनावी मैदान में उतरे उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो चुकी है. चुनाव के नतीजे 10 नवंबर को आएंगे. लेकिन अंतिम परिणामों से पहले बिहार के मूड का हाल आजतक के एग्जिट पोल से सामने आ चुका है. इस बार के विधानसभा चुनाव कई मामलों में अहम हैं. एक ओर जहां जेडीयू-बीजेपी एक साथ लड़ रही हैं वहीं दूसरी ओर इस बार कुछ छोटे दलों ने भी गठबंधन कर चुनाव लड़ा था. इसके अलावा चुनाव से ठीक पहले लॉन्च हुई प्लूरल्स पार्टी और उसकी अध्यक्ष पुष्पम प्रिया ने भी काफी दम लगाया.

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यहां हम आपको बता रहे हैं कि इंडिया टुडे-एक्सिस-माय-इंडिया एग्जिट पोल में शामिल हुए लोगों के मुताबिक बिहार के चुनाव में छोटे दलों के गठबंधनों का क्या असर रहा. एग्जिट पोल में महागठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलता दिख रहा है. एग्जिट पोल के मुताबिक महागठबंधन को चुनावों में 139 से 161 सीटों पर जीत मिल सकती है. जबकि एनडीए सिर्फ 69 से 91 सीटों पर सिमटती ही नजर आ रही है. वहीं एलजेपी को 3 से 5 सीटें मिलने का अनुमान है.

चुनाव के उपेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व में बनी ग्रैंड डेमोक्रेटिक सेकुलर फ्रंट (GDSF) को 3 से 5 सीटें मिल सकती हैं. जबकि पप्पू यादव के प्रयासों से बनी प्रगतिशील लोकतांत्रिक गठबंधन (PDA)को एक भी सीट मिलती नजर नहीं आ रही है. वहीं अन्य के हिस्से में 3 से 5 सीटें मिल सकती हैं. एग्जिट पोल के आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि बिहार चुनावों में इस बार तेजस्वी की लहर थी और छोटे दलों का असर मतदाताओं पर कम ही पड़ा.

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बिहार चुनाव में ऐसी थी गठबंधनों की स्थिति

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में भारतीय जनता पार्टी (BJP), जनता दल यूनाइटेड (JDU), हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (HAM) और विकासशील इंसान पार्टी (VIP) शामिल है, इसमें BJP 110, JDU 115, HAM 7 तो VIP 11 सीटों पर चुनाव लड़ रही थी. महागठबंधन में राष्ट्रीय जनता दल (RJD), कांग्रेस, सीपीआई(ML), CPI और CPI(M) शामिल हैं.  इनमें से आरजेडी 144, कांग्रेस 70, सीपीआई (एमएल) 16, CPI 6 और CPI (M) 4 पर चुनाव लड़ रही थीं.

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ग्रैंड डेमोक्रेटिक सेकुलर फ्रंट (JDSF) में  राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP), बहुजन समाज पार्टी (BSP), ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM), समाजवादी जनता दल लोकतांत्रिक (SJDD), सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) और जनवादी पार्टी (सोशलिस्ट) शामिल हैं. इनमें से RLSP 99, बसपा, 78, AIMIM 20, SJDD 19, SBSP 2, JP(S) 5 सीटों पर चुनाव लड़ रही थीं. 

प्रगतिशील लोकतांत्रिक गठबंधन (PDA) में पप्पू यादव की जन अधिकार पार्टी (JAP), बहुजन मुक्ति पार्टी (BMP), सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI), आजाद समाज पार्टी (ASP) शामिल हैं. इनमें से JAP 152, BMP 45, SDPI 12 और ASSP 4 सीटों पर चुनाव लड़ रही थीं.

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इस चुनाव में लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) एनडीए से अलग होकर 135 सीटों पर चुनाव लड़ी थी. जबकि अन्य में शामिल पुष्पम प्रिया की प्लूरल्स पार्टी 102, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) 81, शिवसेना 22, राष्ट्रीय जन-जन पार्टी (RJJP) 45 सीट, भारतीय सब लोग पार्टी (BSLP) 57 सीटों पर चुनाव लड़ रही थी.

 

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