बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण की 71 सीटों पर नामांकन के लिए गुरुवार को अंतिम दिन है. यही वजह है कि सीट शेयरिंग के बाद बीजेपी ने मंगलवार को देर शाम पहले चरण की 27 सीटों पर उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है. वहीं, आरजेडी ने अभी तक 41 सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नाम की घोषणा की है. बीजेपी ने आधी से ज्यादा सीटों पर सवर्ण समुदाय पर दांव खेला है तो आरजेडी ने ओबीसी खासकर यादव समुदाय के लोगों को उतारा है.
बीजेपी के 60 फीसदी प्रत्याशी सवर्ण
बीजेपी ने पहले चरण की 27 उम्मीदवारों में सबसे अधिक 16 सीटों पर सवर्ण समुदाय से आने वाले चेहरे पर भरोसा जताया है. बीजेपी ने सात टिकट राजपूत प्रत्याशियों को दिए गए हैं, 6 भूमिहार और 3 ब्राह्मणों को टिकट देकर अपने कोर वोटबैंक को साधने की कवायद की है. साथ ही 3 यादव प्रत्याशियों को टिकट देकर बीजेपी ने आरजेडी के मूल वोट बैंक में सेंध लगाने का दांव चला है. इसके अलावा 3 अनुसूचित जाति, एक आदिवासी, एक वैश्य, एक बिंद, एक दांगी और एक चंद्रवंशी को बीजेपी ने टिकट दिया है. बीजेपी ने 5 महिला प्रत्याशी भी उतारे हैं और तीन नए चेहरे को भी टिकट दिया है
बीजेपी कैंडिडेट के नाम
बीजेपी ने कहलगांव से पवन कुमार यादव, बांका से रामनारायण मंडल, कटोरिया से निक्की हेम्ब्रम, मुंगेर से प्रणव कुमार यादव, लखीसराय से विजय कुमार सिन्हा, बाढ़ से ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ज्ञानू, विक्रम से अतुल कुमार, बड़हरा से राघवेंद्र प्रताप सिंह, आरा से अमरेंद्र प्रताप सिंह, तरारी से कौशल कुमार सिंह, शाहपुर से मुन्नी देवी, रामगढ़ से अशोक सिंह, मोहनिया से निरंजन राम, भभुआ से रिकी रानी पांडेय, चैनपुर से बृजकिशोर बिंद, डेहरी से सत्यनारायण सिंह यादव, काराकाट से राजेश्वर राज, गोह से मनोज शर्मा, औरंगाबाद से रामाधार सिंह, बोधगया से हरी मांझी, गया शहर से प्रेम कुमार, वजीरगंज से वीरेंद्र सिंह, रजौली से कन्हैया रजवार, हिसुआ से अनिल सिंह, वारसलीगंज से अरुणा देवी, जमुई से श्रेयसी सिंह को प्रत्याशी बनाया है.
आरजेडी के आधे टिकट यादवों के नाम
आरजेडी ने पहले चरण की 41 सीटों पर प्रत्याशियों के नाम का ऐलान कर दिया है. आरजेडी ने कैंडिडेट के चयन में जातीय समीकरण का पूरा ध्यान रखा है, लेकिन सबसे ज्यादा भरोसा यादव पर दिखाया है. इसके अलावा पार्टी ने दलितों, अति पिछड़ों पर भी फोकस किया है. उपेंद्र कुशवाहा के अलग होने के बाद आरजेडी ने कोइरी समाज को भी साधने की कोशिश की है. इसके अलावा दो राजपूत, एक ब्राह्मण, एक भूमिहार और एक वैश्य समाज के उम्मीदवार पर भरोसा जताया है.
आरजेडी ने सबसे अधिक 23 पिछड़े समुदाय के कैंडिडेट उतारे हैं, जिनमें से 20 यादव समुदाय के प्रत्याशी हैं. इसके अलावा 8 अनुसूचित जाति को टिकट दिया है, जिनमें रविदास, मुसहर और पासवान समुदाय के प्रत्याशी हैं. एक अनुसूचित जनजाति, तीन अति पिछड़े समुदाय और दो मुस्लिम प्रत्याशी उतारे हैं. आरजेडी ने इस बार पहले चरण में 10 महिला प्रत्याशी भी उतारे हैं. आरजेडी ने इस बार आधा दर्जन अपने मौजूदा विधायकों का टिकट काटा है. इनमें ओबरा के बिजेंदर प्रसाद, मखदूमपुर से सूबेदार दास, अतरी से कुंती देवी शामिल हैं. वहीं आरा, अरवल, पालीगंज और काराकाट सीटिंग सीट माले के खाते में चली गई हैं.
नेताओं के बेटे-बेटियों को टिकट
आरजेडी ने अपने नेताओं के बेटे-बेटियों के अलावा पत्नियों को भी टिकट दिया है. आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के बेटे सुधाकर सिंह को रामगढ़, पार्टी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी के बेटे राहुल तिवारी को शाहपुर, पूर्व केंद्रीय मंत्री कांति सिंह के पुत्र ऋषि सिंह ओबरा से तो पूर्व मंत्री जयप्रकाश यादव की बेटी दिव्या प्रकाश तारापुर से चुनाव मैदान में हैं. इनके अलावा विधायक राजबल्लभ यादव की पत्नी विभा देवी को नवादा, विधायक अरुण यादव की पत्नी किरन देवी को संदेश से टिकट मिला है.
कांग्रेस 21 सीटों पर उतारे प्रत्याशी
कांग्रेस ने पहले चरण की 21 विधानसभा सीटों के लिए प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर दिया है. इसमें कहलगांव से शुभानंद मुकेश, वजीरगंज से शशि शेखर, बरबीघा से गजानंद शाही, वारिसलीगंज से सतीश कुमार सिंह ऊर्फ मनटन सिंह, हिसुआ से नीतू कुमारी , बक्सर से मुन्ना तिवारी, बिक्रम से सिद्दार्थ, कुटुम्बा से राजेश राम, औरंगाबाद से आनंद शंकर सिंह, सिकंदरा से सुधीर कुमार ऊर्प बंटी चौधरी, करगहर से संतोष मिश्रा, सुल्तानगंज- से ललन कुमार, लखीसराय से अमरेश कुमार अनीश, अमरपुर से जितेंद्र सिंह, गया से मोहन श्रीवास्तव, चेनारी से मुरारी प्रसाद गौतम, राजपुर से विश्वनाथ राम, चैनपुर से प्रकाश कुमार सिंह, बाढ़ से सत्येंद्र बहादुर, टेकारी और अशोक गगन और गोबिन्दपुर से मो. कामरान को टिकट दिया है.
कांग्रेस ने भी खेला सवर्ण कार्ड
कांग्रेस ने पहले चरण की 21 सीटों पर प्रत्याशियों के नाम का ऐलान कर दिया है. कांग्रेस ने सबसे ज्यादा 14 का टिकट सवर्ण समुदाय के लोगों को दिया है, इनमें भूमिहार को 6, राजपूत को 5, ब्राह्मण को 2 और कायस्थ प्रत्याशी 1 हैं. वहीं, एससी से 4, पिछड़ा वर्ग से 2 और मुस्लिम समुदाय के एक टिकट देकर अपने पुराने समीकरण को फिर से साधने की कोशिश की है.