scorecardresearch
 

बिहार में कांग्रेस को इस नेता से है बड़ी आस, इसी वजह से सौंपी गई थी ये जिम्मेदारी

बिहार में अपनी स्थिति सुधारने का ख्वाब देख रही कांग्रेस ने भी राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को देखते हुए काफी पहले ही अपनी गोटियां बिठानी शुरू कर दी थी. माना जाता है कि इसी वजह से पार्टी संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए कांग्रेस हाईकमान ने मदन मोहन झा को प्रदेश की कमान सौंपी थी.

Advertisement
X
बिहार में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा
बिहार में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा
स्टोरी हाइलाइट्स
  • मदन मोहन झा हैं बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष
  • दो बार विधायक रह चुके हैं मदन मोहन झा
  • एक बार एमएलसी भी रह चुके हैं मदन मोहन

बिहार विधानसभा चुनावों का ऐलान हो चुका है. राज्य में राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ गई हैं. राजनीतिक दलों ने तो इसकी तैयारी काफी समय पहले ही शुरू कर दी थी. बिहार में अपनी स्थिति सुधारने का ख्वाब देख रही कांग्रेस ने भी राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को देखते हुए काफी पहले ही अपनी गोटियां बिठानी शुरू कर दी थी. माना जाता है कि इसी वजह से पार्टी संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए कांग्रेस हाईकमान ने मदन मोहन झा को प्रदेश की कमान सौंपी थी.

Advertisement

इस वजह से दी गई थी मदन मोहन को जिम्मेदारी

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक कांग्रेस ने मदन मोहन झा को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाकर ब्राह्मण कार्ड खेला है. बिहार में करीब 8 फीसदी ब्राह्मण मतदाता हैं. कांग्रेस का ये परंपरागत वोट माना जाता था, लेकिन बीजेपी के उभार के बाद ये वोट कांग्रेस से छिटक गया था. अब कांग्रेस अपना खोया जनाधार वापस लाना चाहती है.

मदन मोहन झा के जरिए कांग्रेस ने बिहार के ब्राह्मण मतदाताओं को साधने की रणनीति बनाई है. आरजेडी जहां यादव, मुस्लिम, दलित और ओबीसी मतों को साधने में जुटी है. वहीं कांग्रेस ने अपने ब्राह्मण कार्ड के जरिए महागठबंधन के मतों को और मजबूत करने की कोशिश की है.

मदन मोहन का राजनीतिक सफरनामा

सियासत के आंगन में पले मदन मोहन झा ने छात्र जीवन से राजनीति में कदम रख दिया था. उन्होंने कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई के जरिए अपनी सियासी पारी को आगे बढ़ाया. 1985 से 1995 तक विधायक रहे. 2014 में कांग्रेस ने उन्हें विधान परिषद पहुंचाया. वे शिक्षक कोटे से एमएलसी चुने गए थे. उनका निर्वाचन क्षेत्र दरभंगा शिक्षक था. एमएलसी का उनका कार्यकाल 9 अप्रैल 2020 को समाप्त हो चुका है. 

Advertisement

मदन मोहन झा कांग्रेस के भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के राष्ट्रीय महासचिव रहे. इसके बाद वे बिहार प्रदेश युवक कांग्रेस के महासचिव बने. बाद में बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव और फिर उपाध्यक्ष और कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी उठाई.

अशोक चौधरी के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद मदन मोहन झा कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी उठा रहे थे. जिसके बाद सितंबर 2018 में कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें कांग्रेस की कमान पूरी तरह से सौंप दी.

मदन मोहन का पारिवारिक जीवन

मदन मोहन झा का जन्म एक अगस्त 1956 को हुआ था. उनके पिता का नाम डॉ नागेंद्र झा है. वे बिहार के दरभंगा जिले की बधॉत मनीगाछी के रहने वाले हैं. उनके पिता नागेंद्र झा बिहार सरकार में मंत्री रहे थे. मदन मोहन झा ने विज्ञान वर्ग से पढ़ाई की थी. उनके पास एमएससी और पीएचडी की उपाधि है. पेशे से वे एक शिक्षक भी रहे हैं. मदन मोहन झा की दो संताने हैं, जिनमें एक बेटा है और बेटी.

 

Advertisement
Advertisement