बिहार चुनाव के रुझानों में बड़ा उलटफेर हो सकता है. दरअसल, सोमवार दोपहर 2 बजे तक करीब 25 फीसदी वोटों की गिनती हुई है, जबकि अभी 3 करोड़ से अधिक वोटों की गिनती बाकी है. चुनाव आयोग का कहना है कि रिजल्ट देर शाम तक आ सकता है, क्योंकि कोरोना की वजह से राउंड की बढ़ गए हैं.
चुनाव आयोग के उप निर्वाचन आयुक्त चंद्रभूषण कुमार ने कहा कि हर चुनाव क्षेत्र में मतदाताओं और डाले गए मतों की संख्या पर ही मतगणना के चरण तय होते हैं. सब जगह अलग-अलग संख्या में मतगणना के दौर हो रहे हैं. सवा करोड़ से कुछ ज्यादा वोट गिने गए हैं. लिहाजा देर रात तक फाइनल नतीजे आएंगे.
उप निर्वाचन आयुक्त चंद्रभूषण कुमार के मुताबिक, पिछली बार 2015 में 38 मतगणना केन्द्र बनाए गए थे. इस बार 55 हैं. पिछली बार हर हॉल में 14 टेबल होते थे, इस बार सिर्फ सात हैं. इस बार सोशल डिस्टेंस और मतगणना के लिए उम्मीदवारों के एजेंट्स के बीच सामाजिक और शारीरिक दूरी बनाने के लिए सिर्फ सात ही टेबल हरेक हॉल में रखे गए हैं.
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उप निर्वाचन आयुक्त चंद्रभूषण कुमार के मुताबिक, हर विधान सभा में वोटों की संख्या के हिसाब से 19 से 50 राउंड में मतगणना पूरी होगी. औसतन 35 राउंड होंगे. अब तक करीब सवा करोड़ वोट गिन लिए गए हैं. अभी देर रात तक ही निर्णायक नतीजे आएंगे. इस बार बिहार में मतगणना के लिए टेबल तो उतनी ही लगाई गई हैं.
उप निर्वाचन आयुक्त चंद्रभूषण कुमार ने बताया कि पिछली बार 65,367 बूथों के मुकाबले इस बार एक लाख 6 हजार 526 बूथ हैं. ईवीएम की विश्वसनीयता पर कोई संदेह नहीं है. चुनाव आयोग ने 2017 में भी ईवीएम से छेड़छाड़ को लेकर चुनौती दी थी, जिसमें ईवीएम की विश्वसनीयता पर किसी को संदेह नहीं था और आगे कोई मामला सामने नहीं आया.