बिहार चुनाव का फीवर इस वक्त हाई हो चुका है. राज्य का ये सियासी तापमान तब तक रहने वाला है जब तक कि 7 नवंबर को आखिरी चरण के लिए वोट न पड़ जाएं. इस बीच एक ओर एनडीए तो एक ओर महागठबंधन एक दूसरे के 15 सालों का कच्चा चिट्ठा लेकर तैयार हैं. दोनों ही गठबंधन अपनी बारी को बेहतर और विपक्ष के टर्म को घटिया, बेकार और बकवास बता रहे हैं.
इसी सिलसिले में बीजेपी लालू यादव के 15 साल के शासन काल की डिक्शनरी लेकर आई है. बीजेपी की इस डिक्शनरी में कहा गया है कि 1990 से 2005 तक के उस दौर में क का मतलब क्राइम, ख का मतलब खतरा और ग के मायने गोली होती थी.
बीजेपी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर इस डिक्शनरी को जारी किया है. जहां घ से घोटाला, च से चरवाहा विद्यालय. बीजेपी का कहना है कि ये ऐसा स्कूल था जहां पढ़ाई से ज्यादा बच्चों को छुट्टी मिलती थी. बीजेपी ने कहा है कि ये था ज.. लालू का जंगल राज.
1990 के दशक में लालू यादव के राज में बिहार में तैयार हुई एक भयानक डिक्शनरी!
क से क्राइम,
ख से खतरा,
ग से गोली...
याद है ना?
र से रंगदारी
ज से जंगलराज
द से दादागिरी
बिहार की जनता को इस डिक्शनरी के ज्ञान को न ही फिर से जानना है, न ही पढ़ना है! pic.twitter.com/xKadgqy3xT
— BJP (@BJP4India) October 19, 2020
बीजेपी ने लालू की पार्टी 'राजद' का भी मतलब समझाया है. बीजेपी ने कहा है कि लालू राज में रा से रंगदारी, ज से जंगलराज और द से दादागिरी होता है. बीजेपी ने कहा है कि बिहार की जनता को इस डिक्शनरी के ज्ञान को न ही फिर से जानना है, न ही पढ़ना है.
15 साल के किसी उपलब्धि पर बहस कर लें नीतीश- तेजस्वी
वहीं तेजस्वी यादव ने भी नीतीश कुमार को चुनौती देते हुए कहा है कि वे अपने 15 साल के कार्यकाल के किसी भी उपलब्धि पर बहस तैयार कर लें, इसके लिए वे तैयार हैं.
इधर, सुशील मोदी ने ट्वीट करके कहा कि आरजेडी बताए कि क्या चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान (सीमैप), चाणक्य विश्वविद्यालय, आईआईआईटी, निफ्ट और बीआईटी (मेसरा) के पटना कैंपस, नए इंजीनियरिंग कॉलेज लालू प्रसाद ने खोलवाए?
सुशील मोदी ने कहा कि जो चरवाहा विद्यालय से आगे कुछ सोच ही नहीं सके, उनके राजनीतिक वारिस किस मुंह से ब्रेन ड्रेन का सवाल उठा रहे हैं? जिन्हें अपने शासन के गुनाहों के कारण युवाओं से माफी मांगनी चाहिए, वे सवाल पूछने की सीनाजोरी कर रहे हैं.