बिहार विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों की लिस्ट जारी कर दी है. इस बार कांग्रेस ने जाले विधानसभा सीट से मशकूर अहमद उस्मानी को टिकट दिया है, जिसका पार्टी के अंदर के नेताओं से लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) तक विरोध कर रही है. जेडीयू का कहना है कि मशकूर अहमद उस्मानी को टिकट दिए जाने पर कांग्रेस को सफाई देने की जरूरत है.
गौरतलब है कि मशकूर अहमद उस्मानी पर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का छात्रसंघ अध्यक्ष रहते हुए पाकिस्तान के फाउंडर मोहम्मद अली जिन्नाह की तस्वीर कमरे के अंदर लगाने का आरोप लगा था. जिन्नाह का महिमामंडन करने पर काफी हंगामा मचा था. अब कांग्रेस ने जाले विधानसभा सीट से मशकूर अहमद उस्मानी को टिकट दिया है.
कांग्रेस में बवाल
उस्मानी को जाले विधानसभा से उम्मीदवार बनाने के लेकर अब कांग्रेस में भी बवाल मच गया है. जाले विधानसभा से पूर्व विधायक ऋषि मिश्रा ने उस्मानी को टिकट दिए जाने पर अपनी पार्टी से खफा हो गए हैं. ऋषि मिश्रा इस बार जाले विधानसभा से टिकट के दावेदार थे, मगर उस्मानी को टिकट दिए जाने के बाद से वह पार्टी से नाराज हैं. ऋषि मिश्रा ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा, “जाले से जिन्ना प्रेमी को टिकट दिए हो, बिहार की जनता पूछ रही है ई का किए हो."
ऋषि मिश्रा ने बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मदन मोहन झा पर भी निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि आखिर क्यों उन्होंने एक जिन्नावादी को टिकट दिया? ऋषि मिश्रा ने कहा कि उस्मानी को छोड़कर कांग्रेस अगर किसी और कार्यकर्ता को जाने विधानसभा से अपना उम्मीदवार बना देती तो भी वह उसका समर्थन करते हैं. उन्होंने कहा कि जिन्ना के नाम पर इस देश की जनता ने लालकृष्ण आडवाणी तक को माफ नहीं किया था तो फिर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा के मुंह से इस जिन्नावादी को वोट देने के लिए कह रहे हैं?
बीजेपी ने साधा निशाना
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि कांग्रेस ऐसे उम्मीदवार को कैसे चुन सकती है, जिन्होंने अपने कार्यालय में जिन्नाह का पोस्टर लगाया था. क्या शरजील इमाम यहां चुनाव प्रचार के लिए आएंगे. वहीं, कांग्रेस नेता एस मिश्र ने कहा कि मैंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है. हम ऐसे व्यक्ति को अपने उम्मीदवार के रूप में कैसे स्वीकार कर सकते हैं. हमारे प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा को जवाब देना चाहिए.
वहीं, जेडीयू नेता अजय आलोक ने कहा कि यह एलएन मिश्रा के परिवार और मदन मोहन झा के बीच पुरानी प्रतिद्वंद्विता का परिणाम है. अब कांग्रेस को यह समझाने की जरूरत है.
वहीं, कांग्रेस अपने प्रत्याशी के समर्थन में उतर आई है. पार्टी के प्रवक्ता राजेश राठौर ने कहा कि जब कोई मुद्दा नहीं मिलता तो बीजेपी ऐसी ही बात करती है. कांग्रेस नेता ने कहा कि बीजेपी को पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए. जो पार्टी गांधी के हत्यारे गोडसे का महिमामंडन करती है, उसे सदन भेजती है वो आज सवाल कैसे खड़े कर रही है. उस्मानी ने कभी जिन्ना का महिमामंडन नहीं किया है.