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बिहार चुनाव: दूसरे चरण की वोटिंग आज, जानें किस पार्टी का क्या-क्या लगा है दांव पर?

बिहार चुनाव के दूसरे चरण की 94 सीटों पर 1463 प्रत्याशी मैदान में हैं. नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले एनडीए और तेजस्वी यादव की अगुवाई वाले महागठबंधन दोनों की प्रतिष्ठा दांव पर है जबकि एलजेपी से लेकर आरएलएसपी, बसपा और पप्पू यादव की पार्टी भी किस्मत आजमा रही हैं.

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तेजस्वी यादव और नीतीश
तेजस्वी यादव और नीतीश
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बिहार की 94 सीटों पर 1463 प्रत्याशी मैदान में
  • तेजस्वी-तेजप्रताप की सीट साख दांव पर लगी है
  • बिहार में आरजेडी बनाम बीजेपी आमने-सामने

बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की 94 सीटों पर वोटिंग जारी है. इस चरण में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले एनडीए और तेजस्वी यादव की अगुवाई में महागठबंधन दोनों की प्रतिष्ठा दांव पर है जबकि एलजेपी से लेकर आरएलएसपी, बसपा और पप्पू यादव की पार्टी जाप भी किस्मत आजमा रही हैं. इस चरण में मुख्य मुकाबला जेडीयू और आरजेडी के बीच नहीं बल्कि बीजेपी बनाम आरजेडी के बीच नजर आ रहा है, क्योंकि एनडीए में बीजेपी सबसे ज्यादा सीटों पर चुनावी मैदान में है. 

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दूसरे चरण के कुल मतदाता
बिहार में दूसरे दौर की सीटों पर 1463 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनमें 1316 पुरुष, 146 महिला और एक थर्ड जेंडर की प्रत्याशी हैं. इन प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला 2,86,11,164 मतदाता करेंगे, जिनमें 1,50,33,034 पुरुष, और 1,35,16,271 महिला वोटर्स हैं जबकि 980 थर्ड जेंडर मतदाता हैं. इसके अलावा कुल 60,879 सर्विस वोटर हैं, जिनकी चुनाव में ड्यूटी लगी है. इनमें 57,300 पुरुष और 3,579 महिलाएं शामिल हैं. 

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कौन कितने सीटों पर लड़ रहा चुनाव
बिहार के दूसरे चरण में असल परीक्षा महागठबंधन की होनी है. महागठबंधन की ओर से आरजेडी 56 सीटों पर चुनाव लड़ रही है जबकि उसकी सहयोगी कांग्रेस 24 और वामपंथी दल 14 सीटों पर चुनावी मैदान में हैं. वहीं, नीतीश की अगुवाई वाले एनडीए की ओर से जेडीयू 43 सीटों पर चुनावी मैदान में उतरी है जबकि उसकी सहयोगी बीजेपी 46 सीटों पर किस्मत आजमा रही. इसके अलावा उसकी सहयोगी वीआईपी ने पांच सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं. एनडीए से अलग होकर बिहार के सियासी रण में अकेले चुनाव लड़ने वाले चिराग पासवान की एलजेपी के दूसरे चरण की 94 सीटों में से 52 सीटों पर प्रत्याशी मैदान में हैं. वहीं, बसपा ने 33 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं. 

 

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कौन किसके सामने मैदान में है
सियासी घमासान में आंकड़ों पर नजर डालें तो दूसरे चरण की 94 सीटों में से 28 सीटों पर बीजेपी और आरजेडी के प्रत्याशी आमने-सामने हैं. ऐसे ही बीजेपी का कांग्रेस के साथ 12 सीटों पर और सीपीएम के साथ एक, सीपीआई के साथ दो और दो सीटों पर माले के साथ मुकाबला हो रहा है. वहीं, जेडीयू का 43 प्रत्याशियों में से 24 पर आरजेडी से सीधा मुकाबला है. जेडीयू 12 सीटों पर कांग्रेस से दो-दो हाथ कर रही है. वहीं, माले के साथ 2, सीपीएम के साथ तीन और सीपीआई के साथ एक सीट पर लड़ाई है. 5 सीटों पर मुकेश साहनी की वीआईपी के प्रत्याशी आरजेडी के सामने मैदान में है. 

दूसरे चरण की सीटों का समीकरण 
बिहार के दूसरे चरण की 94 सीटों के 2015 के विधानसभा चुनाव के नतीजों को देखें तो महागठबंधन में शामिल आरजेडी, जेडीयू और कांग्रेस ने 70 सीटों पर जीत हासिल की थी. इनमें 33 सीटें आरजेडी, 30 सीटें जेडीयू और सात सीटें कांग्रेस को मिली थीं. वहीं, बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए ने 22 सीटें जीती थीं, जिनमें 20 सीटों पर बीजेपी को जीत मिली थी जबकि दो सीटें एलजेपी के खाते में गई थीं. इसके अलावा दो सीटें अन्य को मिली थीं.  

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बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं. जेडीयू और बीजेपी एक साथ मिलकर चुनाव मैदान में हैं तो एलजेपी अलग चुनाव लड़ रही है. वहीं, जेडीयू के बिना चुनावी मैदान में उतरी आरजेडी को पुराने नतीजे दोहराने के लिए कांग्रेस के साथ वामपंथी दलों का सहारा है. एनडीए ने 2010 में इस इलाके में जबरदस्त जीत हासिल की थी और फिर उसी फॉर्मूले के सहारे अपने पुराने दुर्ग को पाने की जद्दोजहद कर रही है. हालांकि, इस बार एक दर्जन से ज्यादा बीजेपी और जेडीयू के बागी निर्दलीय या फिर किसी अन्य दल से चुनावी ताल ठोक रहे हैं. 

एनडीए और महागठबंधन में वोटों का अंतर
दूसरे चरण का मतदान जिन विधानसभा क्षेत्रों में हो रहा है, उनमें पटना, मिथिलांचल, कोसी और सारण प्रमंडल की सीटें शामिल हैं. मौजूदा एनडीए के 2015 के वोट फीसद को देखें तो बीजेपी ने 25.86 फीसदी वोटों के साथ 20 सीटें जीती थीं जबकि जेडीयू ने 17.30 फीसदी के साथ 30 सीटें और हम को 2.07 फीसदी वोट मिले थे. इस तरह से एनडीए का कुल वोट 45.24 फीसदी और सीटें 50 होती हैं. 

वहीं, मौजूदा महागठबंधन के वोट फीसदी को देखें तो आरजेडी को 20.34 फीसदी के साथ 33 सीटें, कांग्रेस 4.86 फीसदी के साथ 7 सीटें, सीपीआई को 1.65 फीसदी, सीपीएम 1.06 और सीपीआई माले को 2.07 फीसदी वोट व एक सीट मिली थी, जिन्हें मिलाकर 29.08 फीसदी वोट और 41 सीटें होती हैं. हालांकि, 6.68 फीसदी वोटों के साथ एलजेपी को 2 सीटें मिली थीं जबकि अन्य को 18.99 फीसदी वोट और एक सीट मिली थी. इस लिहाज से इस चरण में एनडीए और महागठबंधन के बीच करीब 15 फीसदी वोटों का अंतर है. 

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इन नेताओं की साख दांव पर
नीतीश कुमार सरकार के चार मंत्रियों की भी साख दूसरे चरण में दांव पर है. इनमें मधुबनी सीट से बीजेपी विधायक व सहकारिता मंत्री राणा राणा रंधीर, गौड़ा बोराम से जेडीयू व मंत्री विधायक मदन सहनी, हथुआ से जेडीयू कोटे के मंत्री रामसेवक सिंह और पटना साहिब से बीजेपी विधायक व मंत्री नंद किशोर यादव हैं. इसके अलावा तेजस्वी यादव राघोपुर सीट से चुनाव मैदान में हैं जबकि उनके बड़े भाई और पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव हसनपुर से लड़ रहे हैं. 

आरजेडी के प्रधान महासचिव आलोक कुमार मेहता उजियारपुर जबकि पूर्व सांसद व युवा राजद के अध्यक्ष शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल बिहपुर सीट से मैदान में हैं. परसा सीट से चंद्रिका राय मैदान में है तो बांकीपुर सीट पर शत्रुघ्न सिन्हा के बेटे लव सिन्हा कांग्रेस से किस्मत आजमा रहे हैं, जिनके सामने पुष्पम प्रिया हैं. इसके अलावा बिहारीगंज सीट पर शरद यादव की बेटी सुभाषिनी यादव की किस्मत दांव पर हैं. 

बाहुबली नेता की प्रतिष्ठा दांव पर
बाहुबलियों में रीतलाल यादव पटना की दानापुर सीट, पूर्व सांसद आनंद मोहन के बेटे चेतन आनंद शिवहर से चुनाव मैदान में हैं जबकि पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह के बेटे रंधीर सिंह छपरा और भाई केदारनाथ सिंह बनियापुर से लड़ रहे हैं. वहीं, पूर्व सांसद रामा सिंह की पत्नी बीना सिंह वैशाली की महनार सीट से चुनावी भाग्य आजमा रही हैं. 

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17 जिले की 94 सीटों पर वोटिंग
पश्चिम चंपारण की नौतन, चनपटिया, बेतिया सीट. पूर्वी चंपारण की हरसिद्धि, गोविंदगंज, केसरिया, कल्याणपुर, पिपरा, मधुबनी सीट. सीतामढ़ी जिले की सीतामढ़ी, रून्नीसैदपुर, बेलसंड. मधुबनी जिले की मधुबनी, राजनगर, झंझारपुर, फुलपरास सीट. दरभंगा जिले की कुशेश्वरस्थान, गौड़ाबौराम, बेनीपुर, अलीनगर, दरभंगा ग्रामीण सीट शामिल हैं. इसके अलावा मुजफ्फरपुर जिले की मीनापुर, कांटी, बरुराज, पारू, साहेबगंज सीट जबकि शिवहर जिले की शिवहर सीट शामिल है. पटना जिले की बख्तियारपुर, दीघा, बांकीपुर, कुम्हरार, पटना साहिब, फतुहा, दानापुर, मनेर और फुलवारी सीट है. 

गोपालगंज जिले की बैकुंठपुर, बरौली, गोपालगंज, कुचायकोट, भोरे, हथुआ सीट. सिवान जिले की सिवान, जीरादेई, दरौली, रघुनाथपुर, दरौंदा, बड़हरिया, गौरेयाकोठी, महराजगंज और सारण जिले की एकमा, मांझी, बनियापुर, तरैया, मढ़ौरा, छपरा, गरखा, अमनौर, परसा, सोनपुर सीट शामिल है. ऐसे ही वैशाली जिले की हाजीपुर, लालगंज, वैशाली, महुआ, राजापाकर, राघोपुर, महनार. समस्तीपुर जिले की  उजियारपुर, मोहिउद्दीननगर, विभूतिपुर, रोसड़ा, हसनपुर. बेगूसराय जिले की चेरिया बरियारपुर, बछवाड़ा, तेघड़ा, मटिहानी, साहेबपुर कमाल, बेगूसराय, बखरी. खगड़िया जिले की अलौली, खगड़िया, बेलदौर, परबत्ता. भागलपुर जिले की बिहपुर, गोपालपुर, पीरपैंती, भागलपुर, नाथनगदा. नालंदा जिले की  अस्थावां, बिहारशरीफ, राजगीर, इस्लामपुर, हिलसा, नालंदा, हरनौत सीट शामिल हैं.

 

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