बिहार चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आजतक से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने कहा कि पिछले 15 सालों से वो लोगों के लिए काम कर रहे हैं. इसलिए जनता मालिक है. हमने सेवा की है इसलिए वो खुद तय करें. कुछ लोगों का काम है आरोप लगाना. वो अपनी पब्लिसिटी के लिए ऐसा करते हैं. वो करते रहें मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता. मैं अपना काम कर रहा हूं. कुछ लोगों को कहा ही गया है कि वो मुझपर निशाना साधें, इससे उन्हें पब्लिसिटी मिलेगी. इसलिए वो बार-बार मेरे ऊपर हमला करते हैं. जिनको जो कहना है कहें, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता. जनता तय करेगी.
क्या आप थक गए हैं? इस सवाल के जवाब में नीतीश कुमार ने कहा कि मेरे साथ पैदल चलकर देख लीजिए. चंपारण सत्याग्रह के दौरान मैं सात किलोमीटर पैदल चला था, तब कितने लोग मेरे पीछे चल पाए थे. कितना पीछे वो खिसक रहे थे. इसलिए इन बातों को छोड़िए. कोई बी व्यक्ति अनंत काल तक नहीं रहता. जो जन्मा है वो जाएगा ही. इसलिए मैं विरोधियों के बातों पर कोई जवाब नहीं देता. मालिक है जनता. अगर हमने काम किया है तो वोट देंगे.
वहीं विपक्ष पर हमला बोलते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि कोरोना काल में बिहार की जनता को गुमराह करने की कोशिश की गई है. मेरी निंदा से कुछ लोगों का प्रचार होता है. हमारी सरकार ने कोरोना के दौरान कई सकारात्मक काम किए हैं. इस संकट में बहुत काम हुए हैं. तकनीक के जरिए काम पर जोर है.
नीतीश कुमार ने कहा कि चुनाव के दौरान भी काम चल रहा है. बिहार में भी बाहर से लोग आते हैं, जिसकी जहां मर्जी, वहां रह सकते हैं, यह उनका संवैधानिक अधिकार है. जनता की नाराजगी के सवाल पर नीतीश कुमार ने कहा कि मुझसे नेताओं की नाराजगी है, जनता मुझसे नाराज नहीं है. धंधेबाज लोग मुझसे नाराज हैं. 10 लाख नौकरी देने की बात फालतू है, बस जनता को गुमराह किया जा रहा है.
नीतीश कुमार ने कहा कि इनके राज (लालू राज) में कितनी नौकरियां दी गई हैं, ये जनता जानती है. इनके राज में व्यापारी और डॉक्टर बिहार से चले गए थे. जब 10 लाख नौकरी देने की स्थिति होगी तभी ये बात कहूंगा. हमारी सरकार ने बहुत लोगों को रोजगार दिया है. कुछ लोग आपत्ति करते रहेंगे. किस काम के लिए नए पद बनाएंगे? ये बस गुमराह करने वाली बात है.