बिहार विधानसभा चुनाव में जनता दल यूनाइटेड से टिकट की आस लगाए बैठे पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय के हाथ निराशा लगी है. बीते दिन फेसबुक पर सफाई देने के बाद गुरुवार को गुप्तेश्वर पांडेय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कई मसलों पर बात रखी. टिकट ना मिलने पर उन्होंने कहा कि मैं इसमें धोखा जैसा कुछ महसूस नहीं करता हूं.
गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि कभी-कभी राजनीतिक परिस्थितियां किसी व्यक्ति की उम्मीद से अलग होती हैं, ऐसे में मैं धोखा महसूस नहीं करता हूं.
हालांकि, राजनीति की बात को लेकर गुप्तेश्वर पांडेय बोले कि वह एनडीए के साथ हैं. मैं अपनी पार्टी के साथ हूं और नीतीश कुमार जी के निर्देशों का पालन करूंगा. मैं खुद के लिए नहीं बल्कि पार्टी के लिए सोच रहा हूं. मैं पार्टी के निर्देश पर ही काम करूंगा.
सुशांत सिंह राजपूत मामले को लेकर उठ रहे सवालों पर उन्होंने कहा कि जब मैं डीजीपी था, तब अपने अफसरों को जांच के लिए भेजा था. लेकिन मुंबई में उनके साथ ठीक बर्ताव नहीं हुआ. जब सीनियर अफसर को भेजा तो फिर सहयोग नहीं मिला, ऐसे में जो किया था वो सही फैसला था. पुलिस के साथ इस तरह पहले कहीं बर्ताव नहीं हुआ.
आपको बता दें कि चुनाव के ऐलान से कुछ वक्त पहले ही गुप्तेश्वर पांडेय ने अपनी नौकरी छोड़कर जेडीयू की सदस्यता ली थी. उम्मीद जताई जा रही थी कि वो बक्सर से चुनावी मैदान में उतर सकते हैं. लेकिन ये सीट पहले बीजेपी के खाते में चली गई और बीजेपी ने अपने ही उम्मीदवार को मौका दे दिया.
बीते दिन जब उम्मीदवार के नाम का ऐलान हुआ तो गुप्तेश्वर पांडेय ने फेसबुक पोस्ट के जरिए ऐलान किया कि वो इस बार चुनाव नहीं लड़ रहे हैं.