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गोपालगंज के महंथ, क्या खत्म करेंगे राजद की जीत का सूखा?

महंथ सत्यदेव दास गोपालगंज के बरौली प्रखंड मठ के आचार्य पीठाधीस हैं. लेकिन राजनीति में भी भी एक चर्चित चेहरा बन चुके हैं.

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महंथ सत्यदेव दास राजद की ओर से प्रबल दावेदार
महंथ सत्यदेव दास राजद की ओर से प्रबल दावेदार
स्टोरी हाइलाइट्स
  • गोपालगंज से राजद को मिलती रही है हार
  • बीजेपी की ओर से सुभाष सिंह हैं विधायक
  • महंथ सत्यदेव दास राजद के हैं प्रबल दावेदार

बिहार की सियासत में गोपालगंज का अपना महत्व है. यह जिला पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव और राबड़ी देवी का गृह जिला है तो वहीं अपराध के लिए भी चर्चा में रहता है. इस जिले में कुल छह विधानसभा सीट है. लेकिन गोपालगंज विधानसभा सीट सबसे ज्यादा सुर्खियों में है. दरअसल,  इस सीट पर एक ऐसे शख्स दावेदारी पेश कर रहे हैं जो संत समाज से आते हैं. हम बात कर रहे हैं महंथ सत्यदेव दास की. लंबे समय से राजनीति से जुड़े महंथ सत्यदेव दास राजद की ओर से प्रबल दावेदार बनकर उभरे हैं. 

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कौन है महंथ सत्यदेव दास? 
वैसे तो महंथ सत्यदेव दास गोपालगंज के बरौली प्रखंड मठ के आचार्य पीठाधीस हैं. लेकिन राजनीति में भी भी एक चर्चित चेहरा बन चुके हैं. गोपालगंज की सियासत में सक्रिय सत्यदेव दास ने पंचायत, को—ओपरेटिव से लेकर एमएलसी तक के चुनाव में हाथ आजमाया है.

राजद के प्रबल दावेदार
महंथ सत्यदेव दास राजद की ओर से प्रबल दावेदार बनकर उभरे हैं. दरअसल, साल 2010 और 2015 के चुनाव में राजद ने माई समीकरण को ध्यान में रखकर रेयाजुल हक को टिकट दिया था लेकिन उन्हें हर बार बीजेपी के सुभाष सिंह से शिकस्त मिली. कहने का मतलब ये है कि तीन बार हारे हुए प्रत्याशी पर राजद एक बार फिर दांव खेलने का जोखिम नहीं लेगी. हालांकि, इस सीट पर राजद की ओर से उद्धव प्रसाद यादव और सुनील सिंह भी दावेदारी कर रहे हैं लेकिन उन पर राजद भरोसा करेगी, इसकी गुंजाइश कम है. 

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महंथ के पक्ष में 3 फैक्टर

- महंथ सत्यदेव दास के पक्ष का सबसे बड़ा फैक्टर राजद के प्रति निष्ठा है. लंबे समय से राजद और लालू यादव के प्रति ईमानदारी से जुड़ने का इस बार फायदा मिल सकता है. महंथ सत्यदेव दास को राजद नेता तेजस्वी यादव का करीबी भी माना जाता है.

-लगातार तीन बार से चुनाव जीतने वाले गोपालगंज सदर के विधायक सुभाष सिंह के खिलाफ जबरदस्त माहौल बना है. विकास, अपराध, किसान और रोजगार के मोर्चे पर बीजेपी विधायक को विरोध का सामना करना पड़ रहा है. बीते साल घर से मिली शराब के मामले में भी सुभाष सिंह की भद्द पिट चुकी है.

राजद के प्रबल दावेदार

-महंथ सत्यदेव दास के पक्ष में एक और सबसे बड़ी चीज उनकी हर वर्ग में पैठ है. महंथ के प्रति लोगों की आस्था और समाज सेवा में सक्रियता की वजह से वह प्रबल दावेदार बने हुए हैं. यही नहीं, कोरोना काल में महंथ सत्यदेव दास काफी सक्रिय नजर आए थे. इसके अलावा बाढ़ के दौरान भी गोपालगंज में महंथ सत्यदेव दास की सक्रियता सुर्खियों में रही.  

चुनाव प्रचार में दिख रहे अलग 
महंथ सत्यदेव दास गोपालगंज विधानसभा के चुनाव प्रचार में जुट गए हैं. इस चुनाव प्रचार में वह बाकि नेताओं से अलग दिख रहे हैं. दरअसल, वह गोपालगंज विधानसभा को लेकर अपना प्लान लोगों से साझा कर रहे हैं. इस प्लान में सांप्रदायिक सौहार्द, शिक्षा, भुखमरी, गरीबी और रोजगार पर जोर दे रहे हैं. 

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महंथ सत्यदेव दास के बारे में 
महंथ सत्यदेव दास ने भूदेव संस्कृत विद्यालय से पढ़ाई की है. सत्यदेव दास सिधवलिया थाना क्षेत्र के दंगसी के रहनेवाले महंत चंद्रदेव दास के पुत्र हैं. उन्होंने जिला स्तर की सियासत में कई मोर्चों पर किला फतह किया है. उदाहरण के लिए साल 2001 में जिलापार्षद का चुनाव लड़कर जीत हासिल की. वहीं साल 2015 में एमएलसी चुनाव भी लड़े थे. इस चुनाव के लिए दिए गए हलफनामे में उन्होंने बताया था कि किसी तरह का आपराधिक मामला दर्ज नहीं है. कहने का मतलब ये है कि राजद के लिए एक स्वच्छ छवि वाला प्रत्याशी मिल सकता है. इस वजह से महंथ सत्यदेव दास बीजेपी की काट बन सकते हैं.

 

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