वैसे तो सीवान में कुल आठ विधानसभा सीट हैं लेकिन इस बार के चुनाव में जिले की सबसे चर्चित सीट रघुनाथपुर है. दरअसल, ये ऐसी सीट है जहां से टिकट को लेकर बीजेपी के बड़े नेताओं में जुबानी जंग चल रही है. इस वजह से सीवान समेत बिहार भर में बीजेपी की भद्द भी पिट रही है. हालांकि, बीजेपी नेताओं की जुबानी जंग के बीच इस सीट पर पति-पत्नी की जोड़ी काफी चर्चा में है. कहा जा रहा है कि पति-पत्नी की ये जोड़ी विधानसभा चुनाव में एनडीए का बेड़ा पार लगा सकती है. आइए समझते हैं पूरे मामले को..
क्या है मामला?
दरअसल, जेडीयू में शामिल पति-पत्नी शशिकांत सिंह और अनिता सिंह रघुनाथपुर विधानसभा में काफी सक्रिय हैं. स्थानीय स्तर पर ऐसा माना जा रहा है कि रघुनाथपुर की सीट जेडीयू के खाते में जा सकती है. अगर ऐसा होता है तो शशिकांत सिंह या अनिता सिंह, दोनों में से किसी एक को टिकट मिल सकता है और इसी के साथ बीजेपी में चल रहे बवाल का भी अंत हो जाएगा.
कौन है शशिकांत सिंह?
शशिकांत सिंह रघुनाथपुर विधानसभा में जेडीयू के सबसे कद्दावर नेता माने जाते हैं. उन्होंने साल 2008 में राजनीतिक करियर की शुरुआत की. 2008 से 2010 तक समाजवादी पार्टी में रहे. इसके बाद राजनीति से खुद को अलग कर लिया. हालांकि, 2019 से वह जेडीयू में हैं. आपको यहां बता दें कि शशिकांत सिंह जेडीयू के दिग्गज नेता रामचंद्र प्रसाद सिंह (आरसीपी सिंह) के बेहद करीबी माने जाते हैं.
जेडीयू करेगी दावा?
स्थानीय पत्रकार सुधीर तिवारी बताते हैं कि एनडीए गठबंधन में रघुनाथपुर सीट को लेकर जेडीयू दावा ठोक सकती है. इसके अलावा जीरादेई और बड़हरिया विधानसभा के लिए भी जेडीयू जोर लगाएगी. हालांकि, 2019 के उपचुनाव में बीजेपी के बागियों से भद्द पिटने की वजह से दरौंदा विधानसभा छोड़ने के मूड में है. बता दें कि दरौंदा से जेडीयू के अजय सिंह ने चुनाव लड़ा था, जिसे बीजेपी के बागी नेता व्यास सिंह ने शिकस्त दी थी.
बीजेपी में छिड़ी है जंग
आपको बता दें कि रघुनाथपुर सीट के लिए जिले में बीजेपी के दो बड़े नेताओं में जुबानी जंग छिड़ी हुई है. ये दो नेता सीवान बीजेपी के पूर्व सांसद ओमप्रकाश यादव के बेटे हैप्पी और पूर्व जिला अध्यक्ष मनोज सिंह हैं. हैप्पी यादव खुले तौर पर रघुनाथपुर से चुनाव लड़ने की बात कह रहे हैं. वहीं, बीजेपी के पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज सिंह एक बार फिर रघुनाथपुर विधानसभा सीट से ताल ठोक रहे हैं.
रामाश्रय सिंह भी मैदान में
इन दोनों के अलावा एक और बीजेपी के नेता रामाश्रय सिंह भी चुनाव मैदान में उतरने को बेताब हैं. स्थानीय पत्रकार सुधीर तिवारी बताते हैं कि मनोज सिंह को रोकने के लिए रामाश्रय सिंह को आगे किया गया है. बता दें कि दोनों राजपूत समाज से आते हैं और इस सीट पर राजपूत वोटबैंक निर्णायक भूमिका निभाती रही है.
राजद से कौन मैदान में?
अगर राजद की बात करें तो वर्तमान विधायक हरिशंकर यादव को टिकट मिलने की उम्मीद है लेकिन मोहम्मद कैफ उर्फ बंटी भी प्रबल दावेदार हैं. मोहम्मद कैफ के लिए युवा होने के अलावा हरिशंकर यादव के खिलाफ बना माहौल सबसे बड़ा फैक्टर है. दिलचस्प बात ये है कि दोनों ही सीवान के पूर्व राजद सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन के करीबी माने जाते हैं. आपको बता दें कि साल 2016 में शहाबुद्दीन की रिहाई के वक्त मोहम्मद कैफ देखे गए थे. ये तस्वीर काफी वायरल हुई थी. दरअसल, तब कैफ पर राजदेव रंजन हत्याकांड का आरोप लगा था.
2015 के नतीजे
साल 2015 में रघुनाथपुर विधानसभा से बीजेपी ने पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज सिंह को टिकट दिया था. हालांकि, मनोज सिंह कुछ खास कमाल नहीं कर सके और उन्हें 50 हजार के करीब वोट मिले. वहीं, राजद और जेडीयू गठबंधन से चुनाव लड़ रहे हरीशंकर यादव को मनोज सिंह से 11 हजार ज्यादा वोट मिले और वह रघुनाथपुर के विधायक बने.