तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि जो आदमी पिछले एक साल से विधानसभा ही नहीं गया, बजट का सेशन निकल गया, वो आपको नौकरी देंगे. वो कैबिनेट की बैठक में जाएंगे क्या.
इस सवाल पर बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि हम 100 से ज्यादा सीटें जीत रहे हैं और वो (महागठबंधन) डबल डिजिट में रहेंगे. हम आसानी से बहुमत हासिल करेंगे और हम जो कहते हैं वो निभाते हैं. नीतीश कुमार ही हमारे नेता होंगे.
हम जो कहते हैं, उसे निभाते हैं। हर स्थिति में नीतीश कुमार ही हमारे नेता रहेंगे और भाजपा उनके साथ खड़ी रहेगी: श्री @JPNadda #JPNaddaOnAajTak pic.twitter.com/CpDL6uMYXo
— BJP (@BJP4India) October 24, 2020
बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि राजनीति में हर एक पार्टी की अपनी आकांक्षाएं होती हैं. चिराग पासवान ज्यादा सीटें मांग रहे थे. हम चाहते थे कि वो हमारे साथ रहें, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया. बीजेपी और एलजेपी में कोई गुप्त समझौता नहीं है. हमारी लड़ाई तेजस्वी और कांग्रेस से है. बीजेपी ईमानदारी से काम करती है. हमारा कोई भी संबंध एलजेपी से नहीं है. बीजेपी पूरी तरह से नीतीश कुमार के साथ है.
बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि हम जो कहते हैं, उसे निभाते हैं. हर स्थिति में नीतीश कुमार ही हमारे नेता रहेंगे और बीजेपी उनके साथ खड़ी रहेगी.
बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि एनडीए की सरकार बिहार में 19 लाख रोजगार के अवसर लाएगी. यहां उद्योग लगेंगे. बिहार को स्थिरता चाहिए और ये एनडीए की सरकार में ही मुमकिन है.
बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि जब कानून और व्यवस्था बनाए रखी जाती है तो रोजगार के अवसर बढ़ते हैं. बुनियादी ढांचे का विकास होता है और आर्थिक गतिविधियां होती हैं. आरजेडी का चरित्र पूरी तरह से विपरीत रहा है.
जेपी नड्डा ने कहा कि बिहार की जनता तेजस्वी यादव और उनकी पार्टी को जानती है. आरजेडी आज भी अपनी गलतियों को स्ट्रॉन्ग प्वाइंट मानती है, उन्हें अपनी गलतियों का एहसास तक नहीं है.
बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि दुनिया और देश में पीएम नरेन्द्र मोदी की विश्वसनीयता कायम है. उसी तरह से बिहार में सबसे ज्यादा विश्वसनीय नेता नीतीश कुमार हैं.
जेपी नड्डा ने कहा कि लालू जी के आने के बाद बिहार में शिक्षा में बहुत गिरावट आई. सिस्टम टूटने लगे. भर्तियों में भाई-भतीजावाद हावी हो गया. सारा बिहार चारागाह बन गया और चारागाह से चारा घोटाला तक हुआ. लालू जी की कार्यशैली में शिक्षा को महत्व नहीं दिया जाता था.
जेपी नड्डा ने कहा कि मेरे बैच से 15 IAS अधिकारी निकले. आज दिल्ली में जितने भी सचिव बैठे हैं वो या तो मेरे बैच के हैं या सीनियर या जूनियर रहे हैं. मुझे सब IAS बनाना चाहते थे. जैसे ही आपातकाल लगा, मेरे विचार बदल गए. मैं UPSC की तैयारी कर रहा था, लेकिन जब आपातकाल लगा, मेरे विचार बदल गए.
बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि स्कूल से डिबेट में हिस्सा में लिया करता था. परिवार में देश के मुद्दों पर चर्चा होती थी. बिहार की हवा में ही राजनीति है. यहां की हर चीज में राजनीति है.
बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि मेरी जिंदगी की शुरुआत बिहार में हुई. बिहार की एक अजब हवा है, गर्मजोशी है, प्यार है, संस्कार है, जिसे मैं जीता हूं. हिमाचल प्रदेश जाने के बाद भी मैं यहां की याद से भावुक हो जाता हूं. मैंने बिहार से बहुत कुछ सीखा है.
जेपी नड्डा ने कहा कि 18 मार्च 1974 को, मैं जेपी आंदोलन में शामिल हुआ. आंदोलन ने एक बड़ा मोड़ लिया. मैं तब दसवीं कक्षा का छात्र था.
जेपी नड्डा ने कहा पढ़ाई और खेल में मेरी रुचि थी. राजनीति में ज्यादा रुचि नहीं थी. मेरे पिताजी प्रोफेसर थे. 1972-73 के दौर में पटना में राजनीति का एपिसेंटर यूनिवर्सिटी था. मुझे यूनिवर्सिटी में ही रहने का मौका मिला. मैंने देखा कि यहां पर राजनीतिक चेतना बहुत प्रभल है. मैं भी उसी में आ गया. जेपी के आंदोलन में मैं भी शामिल हुआ. वो आंदोलन आगे चलकर विराट रूप लिया.
जेपी नड्डा ने अपनी छात्र राजनीति पटना से शुरू की. उन्होंने कहा मैं हर चुनाव को टेस्ट मैच की तरह देखता हूं. बिहार चुनाव को भी मैं वैसे ही देख रहा हूं. हर चुनाव एक चुनौती होती है. हमारे साथी भी ताकत के साथ लड़ रहे हैं. उम्मीद है हमें अच्छी सफलता मिलेगी.
जेपी नड्डा किस से प्रेरित होकर राजनीति में आए. एलजेपी प्रमुख चिराग पासवान से इस बार बात क्यों नहीं बन पाई. मामला कहां अटका. इन सभी सवालों के जवाब जेपी नड्डा ने इंटरव्यू में दिए. जेपी नड्डा के जवाबों को जानने के लिए आपको रात 8 बजे आजतक से जुड़ना होगा. इसके अलावा इंटरव्यू से जुड़ी तमाम खबरें आप आजतक की वेबसाइट पर भी देख सकेंगे.
जेपी नड्डा का ये एक्सक्लूसिव इंटरव्यू शनिवार रात 8 बजे आजतक पर प्रसारित होगा. यानी कि अब से कुछ देर बाद जेपी नड्डा बिहार चुनाव को लेकर बीजेपी की रणनीति से जुड़े तमाम सवालों के जवाब देते नजर आएंगे. आजतक की सीनियर एग्जीक्यूटिव एडिटर श्वेता सिंह और एग्जीक्यूटिव एडिटर अंजना ओम कश्यप ने जेपी नड्डा से खास बातचीत की है.