कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी बिहार विधानसभा चुनाव में NDA को पटखनी देने के लिए जमकर प्रचार कर रहे हैं. वो महागठबंधन के उम्मीदवारों के लिए प्रचार कर रहे हैं. बिहार में चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सीधा हमला बोलते हैं. उन्होंने अब बिहार चुनाव अभियान में अपने अनुभवों को एक फिल्म के जरिए जनता से भी साझा किया है, जिसका प्रोमो उन्होंने ट्विटर पर जारी किया है.
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने ट्वीट किया कि बिहार की जनता बदलाव चाहती है और महागठबंधन उन्हें बेहतर कल के लिए आश्वस्त करता है. बिहार चुनाव अभियान के दौरान मेरे अनुभवों पर एक फिल्म मेरे यूट्यूब चैनल पर रिलीज की गई है. उसी फिल्म का एक छोटा प्रोमो साझा कर रहा हूं. आइए, आप भी इस यात्रा का हिस्सा बनिए.
बिहार की जनता बदलाव चाहती है और महागठबंधन उन्हें बेहतर कल के लिए आश्वस्त करता है।
बिहार चुनाव अभियान के दौरान मेरे अनुभवों पर एक फिल्म मेरे YouTube चैनल पर रिलीज़ की गयी है।
उसी फिल्म का एक छोटा प्रोमो यहाँ साझा कर रहा हूँ।आइए, आप भी इस यात्रा का हिस्सा बनिए। pic.twitter.com/vCgBqRU2fq
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 29, 2020
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3.29 मिनट के इस वीडियो में राहुल गांधी बिहार में अपने किए चुनावी अभियान को दिखा रहे हैं. हेलीकॉप्टर में बैठे राहुल गांधी भीड़ को देखकर कहते हैं कि किसी ने भी मास्क नहीं पहना है. कोरोना फैल रहा है. इसके बाद राहुल गांधी प्रचार में जुट जाते हैं. प्रोमो में उनके भाषण को भी दिखाया गया है, जो उन्होंने रैलियों में दिया. राहुल गांधी इसमें मोदी सरकार पर हमला साधते दिख रहे हैं. वो बिहार के मजदूरों के पलायन का मुद्दा उठा रहे हैं.
पीएम मोदी और नीतीश कुमार पर साधते हैं निशाना
बिहार की रैलियों में राहुल गांधी कृषि कानून पर पीएम मोदी को घेरते हैं. दरभंगा में रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी कहा कि पंजाब का किसान गुस्से में है. पंजाब में पहली बार दशहरे के मौके पर नरेंद्र मोदी का पुतला जलाया गया.
राहुल गांधी ने कहा कि किसान और दुकानदारों के दिल में आज गुस्सा है. वे नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार से गुस्सा हैं. ये गुस्सा बढ़ता जा रहा है. 2006 में बिहार के किसानों पर आक्रमण हुआ. यहां पर मंडी को खत्म कर दिया गया. बिहार के किसानों को सही दाम नहीं मिला. यहां का किसान कुछ भी कर ले उसे अपने अनाज के लिए सही दाम नहीं मिल सकता, क्योंकि यहां पर मंडी का सिस्टम खत्म कर दिया गया है.