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बिहार चुनाव की तैयारियां तेज, वोटिंग के लिए ये है गाइडलाइंस

आयोग के सामने बड़ी चुनौती यह है कि जो लोग मतदान के योग्य हैं उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए पोलिंग बूथ तक कैसे लाया जाए. चुनाव के दौरान जो अधिकारी क्षेत्र में होंगे उनके लिए प्रावधान बनाए जा रहे हैं. इन अधिकारियों-कर्मचारियों को मास्क, ग्लव्स, पीपीई किट और फेस कवर दिए जाएंगे. चुनाव के लिए गाइडलाइंस भी जारी की गई है ताकि संक्रमण का खतरा कम किया जा सके.

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सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • फेस मास्क और फेस कवर के साथ वोटिंग
  • डोर टू डोर कैंपेन में कम लोग होंगे शामिल
  • पोलिंग बूथ पर बरते जाएंगे अत्यधिक एहतियात

चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज कर दी हैं. आयोग की कोशिश है कि समय पर और सही तरीके से चुनाव करा लिए जाएं. मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा आजाद भारत के पहले आयुक्त हैं जिनकी देखरेख में महामारी के दौरान चुनाव कराए जाएंगे. वे बिहार के चुनाव अधिकारियों और सीईओ से लगातार संपर्क में हैं और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये तैयारियों का जायजा ले रहे हैं.

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बिहार में चुनाव अधिकारी क्षेत्रों में हैं और चुनाव की तैयारियों का जायजा ले रहे हैं. वे तैयारियों की रिपोर्ट बनाकर लगातार आयोग को भेज रहे हैं. मौजूदा बिहार सरकार का कार्यकाल 29 नवंबर तक है और सूत्रों ने इंडिया टुडे को बताया है कि जल्द ही तारीखों की घोषणा हो सकती है. देश में खासकर बिहार में जिस रफ्तार से कोरोना के केस बढ़ रहे हैं, चुनाव आयोग इसका भी गंभीरता से संज्ञान ले रहा है. 

आयोग के सामने बड़ी चुनौती यह है कि जो लोग मतदान के योग्य हैं उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए पोलिंग बूथ तक कैसे लाया जाए. चुनाव के दौरान जो अधिकारी क्षेत्र में होंगे उनके लिए प्रावधान बनाए जा रहे हैं. इन अधिकारियों-कर्मचारियों को मास्क, ग्लव्स, पीपीई किट और फेस कवर दिए जाएंगे. चुनाव के लिए गाइडलाइंस भी जारी की गई है ताकि संक्रमण का खतरा कम किया जा सके. आइए जानें क्या हैं गाइडलाइंस-

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-घर-घर पांच लोगों का समूह ही कैंपेन कर सकता है. पांच गाड़ियों के काफिले की इजाजत है जिसे उम्मीदवार चुनाव प्रचार में इस्तेमाल कर सकते हैं.

- चुनाव के दिन किसी वोटर में वायरस के लक्षण दिखते हैं तो उसे एक टोकन दिया जाएगा और उसे मतदान के अंतिम घंटे में वोटिंग के लिए बुलाया जाएगा.

- पोलिंग बूथ में ईवीएम का बटन दबाने या रजिस्टर पर साइन करते वक्त वोटर को ग्लव्स दिए जाएंगे. 

- एक पोलिंग बूथ पर अधिकतम 1 हजार वोटर्स होंगे. पहले यह संख्या 1500 निर्धारित थी.

- सभी वोटर्स को फेस मास्क लगाने होंगे. केवल पहचान के वक्त उन्हें फेस मास्क हटाने के लिए कहा जाएगा.

- क्वारंटीन में रह रहे मरीजों को अंतिम समय में वोटिंग की इजाजत होगी. स्वास्थ्य अधिकारी इसकी निगरानी करेंगे और कड़े एहतियात बरते जाएंगे.

बता दें, कोरोना को देखते हुए बिहार के लिए अतिरिक्त इवीएम और वीवीपैट जारी करने का निर्देश है. वोटर्स के साथ-साथ चुनाव में लगे अधिकारी और कर्मचारी भी अपने को सुरक्षित रख सकें, इसकी पूरी तैयारी है. मतदान के दौरान एसओपी का भी पूरा ख्याल रखना है जिससे कि नियमों की अवहेलना न हो.

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