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बिहार: प्रथम चरण के मतदान में होगा सरकार के आठ मंत्रियों की किस्मत का फैसला

खास बात ये है कि ये सभी मंत्री पिछली बार महागठबंधन से या उसे हराकर जीते थे. इस बार गठबंधन के बदले स्वरूप के चलते इन मंत्रियों की सीट पर भी मुकाबला रोचक होने की उम्मीद है

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Nitish Kumar (File Photo)
Nitish Kumar (File Photo)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • आठ ​मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर
  • जीत की हैट्रिक लगाना बड़ी चुनौती
  • कई सीटों पर होगा रोचक मुकाबला

बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में बिहार सरकार के आठ ​मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है. प्रथम चरण के मतदान में जनता इन आठ मंत्रियों की किस्मत का फैसला करेगी. खास बात ये है कि ये सभी मंत्री पिछली बार महागठबंधन से या उसे हराकर जीते थे. इस बार गठबंधन के बदले स्वरूप के चलते इन मंत्रियों की सीट पर भी मुकाबला रोचक होने की उम्मीद है. वहीं इनमें से कई मंत्रियों के लिए जीत की हैट्रिक लगाना भी बड़ी चुनौती है. 

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बांका विधानसभा
भूमि सुधार राजस्व मंत्री रामनारायण मंडल का मुकाबला इस बार आरजेडी प्रत्याशी जावेद इकबाल अंसारी से है. 2010 के विधानसभा चुनाव में इकबाल अंसारी ने रामनारायण मंडल को 2410 मतों से हराया था. वहीं 2015 के चुनाव में रामनारायण मंडल ने जीत दर्ज की और बिहार सरकार में मंत्री बने 


लखीसराय विधानसभा
बिहार सरकार के श्रम संसाधन मंत्री विजय कुमार सिन्हा लखीसराय सीट से दो बार से चुनाव जीतते रहे हैं. उनका मुकाबला इस बार महागठबंधन के कांग्रेस प्रत्याशी अमरीश कुमार अनीश से है।


चैनपुर विधानसभा
बिहार के खनन मंत्री बृज किशोर बिंद के लिए 2020 बिहार विधानसभा चुनाव बड़ी चुनौती है. बृज किशोर बिंद 2010 और 2015 में चैनपुर की सीट जीते थे. दोनों चुनावों में मुकाबला बीएसपी से हुआ. खास बात ये है कि 2015 के चुनाव में बीएसपी प्रत्याशी बहुत कम वोटों के अंतर से हारे थे, इस बार बीएसपी से एक बार फिर जमा खां चुनाव मैदान में हैं.

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जहानाबाद विधानसभा 
बिहार के शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा जहानाबाद से चुनाव लड़ रहे हैं. विधानसभा चुनाव 2015 में वे महागठबंधन के उम्मीदवार के रूप में घोसी से चुनाव मैदान में उतरे थे. उनका मुकाबला हम के राहुल कुमार से था. वहीं 2005 में कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा आरजेडी के टिकट से मखदुमपुर से लड़े और जीत दर्ज की थी. 

जमालपुर विधानसभा 
ग्रामीण कार्य मंत्री शैलेश कुमार लगातार दो बार से चुनाव जीतते आ रहे हैं. इस बानर शैलेश कुमार का मुकाबला महागठबंधन से कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. अजय कुमार सिंह है. वहीं एलजेपी के दुर्गेश कुमार सिंह भी मैदान में है. यहां त्रिकोणीय मुकाबला होने की उम्मीद है.

राजपुर (सुरक्षित) विधानसभा
राज्य परिवहन मंत्री संतोष कुमार निराला की शाख भी इस चुनाव में दांव पर लगी हुई है. संतोष कुमार ने 2010 में एलजेपी के छेदी लाल राम को और 2015 में बीजेपी के विश्वनाथ राम को हराया था. विश्वनाथ राम इस बार कांग्रेस के टिकट पर हैं, तो एलजेपी के निर्भय कुमार निराला से भी उनकी टक्कर होगी.

दिनारा विधानसभा 
उद्योग मंत्री जय कुमार सिंह दिनार विधानसभा से इस बार चुनाव मैदान में हैं. इस विधानसभा से उन्होंने पिछली बार झारखंड में संगठन मंत्री रहे राजेन्द्र प्रसाद को महज 2691 मतों से हराया था. इस बार राजेन्द्र सिंह एलजेपी के टिकट से चुनावी मैदान में हैं.

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गया टाउन
बिहार के कृषि मंत्री और गया टाउन के सिटिंग विधायक प्रेम कुमार के लिए 2020 के चुनाव में जीत की राह आसान नहीं दिखाई दे रही है. उनके लिए जीत के कम होते अंतर को संभालना चुनौती है. 2015 में उनका मुकाबला कांग्रेस प्रत्याशी प्रिय रंजन से था. इस बार फिर प्रेम कुमार के खिलाफ अखौरी ओंकार नाथ मैदान में हैं.

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