बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के महासंग्राम में ससुर-दामाद की तीन जोड़ियां उतर चुकी हैं. ये तीनों जोड़ियां छह अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से किस्मत आजमा रही हैं. खास बात ये कि इनमें से एक जोड़ी तो ऐसी है, जो एक ही पार्टी से एक ही जिले की दो अलग-अलग विधानसभा से चुनावी मैदान में है. वहीं ससुर-दामाद के अलावा समधी-समधन भी इस चुनाव में नजर आएंगे.
ससुर-दामाद के साथ समधन भी मैदान में
पहली जोड़ी की बात करें तो बिहार के गया पर नजर पहुंचती है. पूर्व मुख्यमंत्री और हम सुप्रीमो जीतन राम मांझी इमामगंज विधानसभा से चुनाव लड़ रहे हैं, तो वहीं उनके दामाद देवेन्द्र मांझी जहानाबाद जिले की मखदुमपुर सीट से चुनावी मैदान में हैं. जीतनराम मांझी की समधन ज्योति देवी भी बाराचट्टी से चुनाव लड़ रही हैं.
इस जिले में ससुर-दामाद एक साथ लड़ रहे चुनाव
बिहार के मधेपुरा जिले में ससुर-दामाद की जोड़ी चुनावी मैदान में है. सरकार के विधि मंत्री और 25 साल से लगातार जीतने वाले नरेन्द्र नारायण यादव मधेपुरा जिले की आलगनगर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, तो उनके दामाद निखिल मंडल मधेपुरा से जेडीयू प्रत्याशी हैं. जेडीयू के प्रदेश प्रवक्ता निखिल पहली बार चुनाव में उतरे हैं.
RJD से दामाद तो JDU से सुसर लड़ रहे चुनाव
यहां मामला थोड़ा और खास हो जाता है. ससुर-दामाद की जोड़ी दो अलग-अलग पार्टियों से चुनावी मैदान में है. हम बात कर रहे हैं पूर्व मंत्री चंद्रिका राय और उनके दामाद तेजप्रताप यादव की. चंद्रिका राय अपनी पुरानी सीट परसा से जेडीयू से मैदान में हैं तो उनके दामाद तेजप्रताप यादव समस्तीपुर के हसनपुर से आरजेडी से चुनावी मैदान में उतर रहे हैं.
पति-पत्नी की भी है जोड़ी
बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में पति-पत्नी की भी जोड़ी चुनावी मैदान में है. जदयू के टिकट पर विधायक कौशल यादव नवादा सीट से, तो उनकी पत्नी पूर्णिमा देवी गोविंदपुर सीट से मैदान में हैं. 2015 के चुनाव में पूर्णिमा कांग्रेस के टिकट पर जीती थीं.
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