बिहार के गया के वजीरगंज विधानसभा क्षेत्र के कनौदी गांव के लोगों ने मतदान के बहिष्कार का ऐलान किया है. ग्रामीणों का कहना है कि 20 वर्षों से वे दलदल में जीने के लिए मजबूर हैं, लेकिन अब और नहीं सहेंगे. पूरे गांव में मतदान बहिष्कार की तख्तियां लगा दी गई हैं.
गया जिले के वजीरगंज विधानसभा क्षेत्र के पतेर मंगरावां पंचायत के कनौदी गांव में पिछले 20 वर्षों से सड़कें नहीं बनी हैं. कच्चे मार्ग पर कीचड़ के बीच से होकर ग्रामीणों को गुजरना पड़ता है. मार्ग की हालत इतनी खराब है कि वाहन तक नहीं निकल पाते हैं. यदि कोई ग्रामीण बीमार हो जाए, तो उसे खाट पर लिटाकर बमुश्किल रास्ता पार कराया जाता है.
ग्रामीणों ने बताया कि पिछली बार के विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस विधायक अवधेश सिंह वोट मांगने आये थे, उसके बाद से इस गांव की सुध लेने वाला कोई नहीं है. ग्रामीणों ने सड़क निर्माण कराने को लेकर मुखिया, विधायक सहित कई जनप्रतिनिधियों को आवेदन देकर गांव की स्थिति से अवगत कराया गया है लेकिन किसी ने सुनवाई नहीं की.
वहीं, कनौदी गांव के ग्रामीणों ने बताया कि पिछले चुनाव में जब मतदान का बहिष्कार किया था, तो नेताओं और अधिकारियों ने आश्वासन दिया था, कि गांव की सड़क बनवा दी जाएगी, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद कोई नहीं आया. हालत ये है कि गांव में न तो कोई गाड़ी आती है और ना ही जाती है.
गांव के रहने वाले राजीव रंजन ने बताया कि पंचायत के हर गांव में विकास कार्य होता है, लेकिन कनौदी गांव में कभी कोई काम नहीं हुआ. ग्रामीणों ने बताया कि पिछली बार विधायक अवधेश सिंह ने कहा था कि हम इस गांव में रोड बनवा देंगे, मगर जीतने के बाद विधायक आज तक गांव में नहीं आए हैं. (इनपुट-पंकज कुमार)
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