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Ghosi Election Results 2020: घोसी सीट पर JDU की हार, 17333 वोटों से लेफ्ट ने लहराया जीत का परचम

Ghosi Election Results, Ghosi Vidhan Sabha seat Counting 2020: बिहार की घोसी विधानसभा सीट कभी एक ही परिवार का गढ़ हुआ करती थी, लेकिन पिछले चुनाव में सेंध लग गई और जदयू के कृष्ण नंदन प्रसाद ने जीत हासिल की. घोसी विधानसभा सीट पर इस बार 28 अक्टूबर को वोट डाले गए.

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Ghosi Election Results 2020
Ghosi Election Results 2020
स्टोरी हाइलाइट्स
  • घोसी सीट पर जदयू-लेफ्ट के बीच मुख्य मुकाबला
  • घोसी सीट पर इस बार 28 अक्टूबर को हुआ मतदान

बिहार के जहानाबाद जिले में आने वाली घोसी विधानसभा सीट (Ghosi Assembly Seat) राज्य की सबसे पॉपुलर सीट में से एक है. घोसी विधानसभा सीट पर एनडीए खेमे से जदयू प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में उतरे पूर्व सांसद डॉ जगदीश शर्मा के बेटे राहुल कुमार को शिकस्त मिली है. महागठबंधन से माले प्रत्याशी राम बली सिंह यादव ने 17333 वोटों से बढ़त बनाते हुए जीत का परचम लहराया है. बता दें कि घोसी सीट पर इस बार 28 अक्टूबर को वोट डाले गए और कुल 57.15% मतदान हुआ. 

इस बार के मुख्य उम्मीदवार

  • जेडीयू - राहुल कुमार
  • लेफ्ट - राम बालि सिंह यादव
  • एलजेपी - राकेश कुमार सिंह
Ghosi Election Results 2020


एक ही परिवार का रहा कब्जा
घोसी विधानसभा सीट पर एक ही परिवार का 38 वर्षों तक कब्जा रहा. जगदीश शर्मा लगातार आठ बार विधायक चुने गए. इसके बाद उनकी पत्नी और पुत्र यहां से निर्वाचित हुए. 2015 के चुनाव में जदयू के कृष्णनंदन वर्मा की जीत के साथ इस परिवार का एकाधिकार टूटा.

2015  विधानसभा चुनाव के क्या थे नतीजे?
2015 के विधानसभा चुनाव में कृष्ण नंदन प्रसाद वर्मा ने बाजी मारी थी, उन्होंने लंबे वक्त से इस सीट पर चली आ रही एक परिवार की बादशाहत को चुनौती दी थी और सफल हुए थे. जदयू की ओर से चुनाव लड़े कृष्ण नंदन प्रसाद वर्मा को इस सीट पर 67 हजार के करीब वोट मिले थे, जबकि हम पार्टी की ओर से राहुल कुमार को सिर्फ 46 हजार वोट मिल पाए थे. 

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क्या कहता है इस सीट का इतिहास?
आजादी के बाद ही बनी इस विधानसभा सीट पर शुरू में कांग्रेस का कब्जा रहा, लेकिन बीच में कुछ चुनावों में सीपीआई ने भी यहां से जीत दर्ज की. लेकिन पिछले करीब चार दशक के रिकॉर्ड को देखें तो यहां एक ही परिवार का कब्जा रहा है. कांग्रेस के नेता रहे जगदीश शर्मा ने 1977 में इस सीट से पहली बार चुनाव जीता था, उसके बाद ये 2010 तक इस सीट पर उनके परिवार का कब्जा रहा. खुद जगदीश शर्मा ने इस सीट से आठ बार विधानसभा का चुनाव जीता.

क्या है इस सीट का जातीय समीकरण?
इस इलाके की अधिकतर जनसंख्या ग्रामीण इलाके में ही रहती है. इस सीट पर एससी समुदाय से करीब बीस फीसदी से अधिक वोटर हैं, ऐसे में राजनीतिक दलों की नज़र इन वोटरों पर भी रहती है. अगर कुल वोटरों की संख्या को देखें तो यहां ढाई लाख से अधिक वोटर हैं, जिनमें से 52 फीसदी वोटर पुरुष हैं.

 

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