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Muzaffarpur: कुढ़नी सीट पर एनडीए के लिए संकट खड़ा कर सकता है अंदरूनी मतभेद

पिछली बार के चुनाव में बीजेपी के टिकट से केदार गुप्ता विधायक बने. वहीं जेडीयू के टिकट से महागठबंधन के प्रत्याशी मनोज कुशवाहा चुनाव हार गए थे. इसके बाद सरकार में समीकरण बदल गए और बीजेपी-जेडीयू साथ हो गए.

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कुढ़नी विधानसभा क्षेत्र समाजवादियों का गढ़ रहा (File Photo)
कुढ़नी विधानसभा क्षेत्र समाजवादियों का गढ़ रहा (File Photo)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • मनोज कुशवाहा और केदार गुप्ता के बीच ठनी रही
  • वर्तमान में बीजेपी के केदार प्रसाद गुप्ता विधायक
  • कुढ़नी विधानसभा क्षेत्र समाजवादियों का गढ़ रहा

कुढ़नी विधानसभा क्षेत्र समाजवादियों का गढ़ रहा है. बाद के दिनों में परिस्थितियां बदलीं तो एनडीए गठबंधन के पाले में लगातार यह सीट रही. इस बार भी कुछ इस तरह का ट्रेंड यहां दिखाई दे रहा है. लेकिन देखने वाली बात यह होगी कि दलों के बीच आपसी समन्वय रहता है कि मनमुटाव अंत तक कायम रहता है.

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हम मुजफ्फरपुर जिले के कुढ़नी विधानसभा क्षेत्र की बात कर रहे हैं. जहां से वर्तमान में बीजेपी के केदार प्रसाद गुप्ता विधायक हैं. लेकिन इस सीट पर तीन बार नीतीश कुमार के करीबी मनोज कुमार सिंह उर्फ मनोज कुशवाहा विधायक बने. पिछली बार के चुनाव में बीजेपी के टिकट से केदार गुप्ता विधायक बने. वहीं जेडीयू के टिकट से महागठबंधन के प्रत्याशी मनोज कुशवाहा चुनाव हार गए थे. इसके बाद सरकार में समीकरण तो बदल गए बीजेपी-जेडीयू साथ हो गए.

स्थानीय स्तर पर पांचों वर्ष मनोज कुशवाहा और केदार गुप्ता के बीच ठनी रही. कभी-कभी तो पब्लिक के सामने तक यह मतभेद देखने को मिल जाता था. ऐसे में गठबंधन के तहत यह सीट फिर से एक बार बीजेपी को मिल गई है और वर्तमान विधायक केदार प्रसाद गुप्ता को ही उम्मीद है. ऐसे में केदार गुप्ता और मनोज कुशवाहा का अंदरूनी मतभेद एनडीए के लिए कहीं संकट न पैदा करे. इस तरह की चर्चा लोगों के बीच में है.

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वैसे हम कुढ़नी विधानसभा क्षेत्र से जीतने वाले विधायकों की बात करें तो यहां से जितने वाले विधायक को आला कमान का आशीर्वाद शुरू से मिलता रहा है. आरजेडी से जीतने वाले बसावन भगत लालू प्रसाद यादव के करीबी लोगों में से एक व्यक्ति वह भी थे जिन्हें कारा मंत्री का पद मिला था और उस समय वो काफी सुर्खियों में थे. हालांकि अभी वो बीजेपी से जुड़े हुए हैं. उसी तरह बसावन भगत को हराने वाले मनोज कुशवाहा पर नीतीश कुमार की कृपा रही है और जीतने के बाद उन्हें नीतीश सरकार में लघु सिंचाई मंत्री बनाया गया था.

अभी वर्तमान विधायक की बात करें तो नगर विकास मंत्री सुरेश कुमार शर्मा और उप मुख्यमंत्री सुसील मोदी की कृपा बनी हुई है. उसका असर स्पस्ट दिख रहा है कि इस बार भी कुढ़नी विधानसभा सीट बीजेपी के खाते में गई है. वहीं आरजेडी से युवा नेता शेखर सहनी के नाम की चर्चा है. तो पप्पू यादव की पार्टी जाप की भी नजर बनी हुई है और किसी समाजवादी चेहरे के नेता को उतारने की अंदरूनी तैयारी चल रही है.


बाकी गठबंधनों  की बात करें तो फिलहाल उनकी कोई सक्रियता या कोई वैसा दलीय चेहरा सामने नहीं दिख रहा है. लेकिन नामांकन के समय एनडीए और महागठबंधन से अलग कोई तीसरे गठबंधन का प्रत्याशी आ जाए तो कोई आश्चर्य नहीं. (इनपुटः मणिभूषण शर्मा)

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कुढ़नी विधानसभा सीट पर ये नेता रहे विधायक

1951 कपिल देव प्रसाद सिंह, कांग्रेस 
1962 राम गुलाम चौधरी, कांग्रेस 
1967 के एन सहाय, कांग्रेस
1969 साधु शरण साही, पीएसपी
1972 साधु शरन साही, एसओपी
1977 साधु शरन साही, जेएनपी
1980 राम परीक्षण साहू, जेएनपी
1985 शिव नंदन राय, कांग्रेस
1990 साधु शरण साही, निर्दलीय
1991 आर पी साहू, जनता दल
1995 बसावन भगत, जनता दल
2000 बसावन भगत, आरजेडी
2005 मनोज कुमार सिंह (मनोज कुशवाहा), जेडीयू 
2005 अक्टूबर मनोज कुमार सिंह, जेडीयू
2010 मनोज कुमार सिंह (मनोज कुशवाहा), जेडीयू
2015 केदार प्रसाद गुप्ता, बीजेपी

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