बिहार में विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो गई है, अब दस नवंबर को नतीजों का इंतजार है. बिहार की जगदीशपुर विधानसभा सीट पर इस बार 28 अक्टूबर को वोट डाले गए, यहां कुल 54.16 फीसदी मतदान हुआ.
जगदीशपुर विधानसभा सीट पर इस बार कांटे का मुकाबला होने की उम्मीद है. पिछले दो चुनाव में यहां पर राजद को ही जीत मिली है. लेकिन अब एनडीए मजबूत स्थिति में है ऐसे में उसे इस सीट पर वापसी की दरकार है.
कौन है उम्मीदवार?
• राम विष्णु सिंह – राष्ट्रीय जनता दल
• शुशुमलता – जनता दल यूनियन
• श्याम नंदन – बहुजन समाज पार्टी
• श्रीभगवान सिंह - लोजपा
मतदान की तिथि – पहला चरण, 28 अक्टूबर
क्या है इस सीट का राजनीतिक इतिहास?
ये सीट पहले विधानसभा चुनाव यानी 1951 में ही अस्तित्व में आ गई थी. शुरुआती दशक तो यहां कांग्रेस का ही दबदबा रहा और 1985 तक के चुनावों में कांग्रेस को जीत मिलती रही. लेकिन उसके बाद से यहां कांग्रेस जीत का खाता नहीं खोल पाई है. 1990 में यहां सीपीएम ने खाता खोला, दो बार की जीत के बाद बीजेपी के हाथों हार मिल गई. पिछले दो चुनाव में राजद ही यहां पर जीत दर्ज कर रही है.
क्या है यहां का जातीय समीकरण?
इस विधानसभा क्षेत्र में कुशवंशी और यदुवंशियों के लिए ही मुकाबला रहता है. ऐसे में राजनीतिक दलों की ओर से ऐसे ही उम्मीदवारों को मैदान में उतारा जाता है, जो इनका भरोसा जीत पाएं. इस क्षेत्र में करीब पौने तीन लाख वोटर हैं, यहां करीब 1.42 लाख पुरुष वोटर हैं.
पिछले चुनाव में क्या रहे थे नतीजे?
2015 के चुनाव में राजद और जदयू एक साथ थे, ऐसे में ये सीट लालू प्रसाद यादव की पार्टी के खाते में आई थी. और आसानी से जीत भी मिल गई थी. राजद के राम विष्णु सिंह को 2015 में यहां पर 49 हजार के करीब वोट मिले थे, जबकि दूसरे नंबर पर RLSP के राकेश रौशन रहे थे. 2015 में कुल यहां 50 फीसदी ही मतदान हुआ था.
स्थानीय विधायक के बारे में?
यहां से राष्ट्रीय जनता दल के राम विष्णु सिंह विधायक हैं. समर्थक उन्हें लोहिया जी भी कहते हैं. पिछले दो चुनाव में यहां से राम विष्णु सिंह ही चुनाव जीत रहे हैं. चुनावी हलफनामे के हिसाब से राम विष्णु सिंह के पास तीन करोड़ से अधिक की संपत्ति है. जबकि उनपर कोई क्रिमिनल केस दर्ज नहीं है.