बिहार में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. जेडीयू नेता नीरज कुमार ने पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी पर हमला करते हुए कहा कि उन्हें अपनी राजनीतिक हैसियत का अहसास हो गया है. नौ सितंबर को नौ बजकर नौ मिनट पर बत्ती गुल करने का आवाहान किया था. लेकिन तथाकथित नौवीं फेल तेजस्वी यादव की राजनीतिक नौटंकी बिजली गुल कर लालटेन जलाने की नौटंकी फेल हो गई.
उन्होंने तेजस्वी यादव को 'ट्विटर बबुआ' कहते हुए कहा कि आपको आंकड़े के मुताबिक आपकी राजनीतिक औकात बताता हूं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 5 अप्रैल को राज्य की जनता को संकल्प दिलाया था कि अपने-अपने घर में बिजली बत्ती बंद कर कोरोना से लड़ने के लिए संकल्प लीजिए. उस दौरान 55 प्रतिशत बिजली खपत में कमी आई थी, लेकिन आपके आह्वान पर एक प्रतिशत बिजली की खपत कम हुई. अंदाजा लगा लीजिए कि आपके कहने पर कितनी जनता आपके साथ आई.
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी जी की लालटेन जलाने की योजना हुई फेल। जगमगा रहा है बिहार। https://t.co/VwPzmxi1Db via @FacebookWatch
— Neeraj kumar (@neerajkumarmlc) September 9, 2020
नीरज कुमार ने तेजस्वी पर हमला करते हुए कहा कि 1989 में राजीव गांधी की सरकार के दौरान आर्थिक पैकेज दिया गया था. इसके बावजूद घर-घर बिजली नहीं पहुंचा, जबकि वह पैकेज विद्युत संयंत्र के लिए था. साल 1990 से आपके पिता सत्ता में बैठे थे फिर प्रदेश में बिजली की स्थिति क्यों नहीं ठीक हुई. बिहार झारखंड के बंटवारे के बाद नीतीश कुमार ने गांधी मैदान में सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि अगर बिजली की स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो मैं वोट मांगने नहीं जाऊंगा.
उन्होंने कहा कि 10 मार्च 1990 को आपके पिता लालू यादव ने तीन वादे किए थे. सबको शिक्षा और रोजगार. आज बताइए कि कितने लोगों को रोजगार दिया गया और कितने लोगों को शिक्षा दी. दूसरा वादा उन्होंने भ्रष्टाचार को नियंत्रित करने की बात कही थी, लेकिन कानून ने आपके पिता को ही नियंत्रित कर दिया था. तीसरा उन्होंने पलायन रोकने की बात कही थी. वे पलायन तो रोक नहीं पाये लेकिन वो खुद झारखंड चले गए.
नीरज कुमार ने कहा कि तेजस्वी यादव मेरे सभी आरोप की जांच कर लें. अगर मेरे आरोप गलत हैं तो मुझपर राष्ट्रीय जनता दल मानहानि का मुकदमा करे. आप फेसबुक और ट्विटर पर अपने पिता के बारे में भी बताएं.