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धरने पर बैठे कार्यकर्ता, बोले- धृतराष्ट्र बने मांझी, परिवार के अलावा कुछ नहीं दिख रहा

बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में एनडीए के सीट बंटवारे के बाद अब मांझी के लिए नई आफत शुरू हो गई है. हम के कार्यकर्ता अपने नेता जीतन राम मांझी के खिलाफ धरने पर बैठ गए हैं. कार्यकर्ताओं का कहना है कि मांझी धृतराष्ट्र बन गए हैं, उन्हें अपने परिवार के अलावा कुछ भी नजर नहीं आ रहा है.

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Hindustani Awam Morcha (HAM) chief and former Bihar Chief Minister Jitan Ram Manjhi. (File photo)
Hindustani Awam Morcha (HAM) chief and former Bihar Chief Minister Jitan Ram Manjhi. (File photo)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • मांझी के आवास के बाहर कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
  • कार्यकर्ताओं ने कहा- धृतराष्ट्र बन गए हैं मांझी
  • चुनाव आते ही वादा भूल गए हैं जीतन राम मांझी

बिहार गया के गोदावरी स्थित हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा सेकुलर (हम) के नेता व पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के आवास के बाहर कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है. हाथों में तख्ती लिए नाराज कार्यकर्ताओं की मांग है कि जिले में एक से कम एक सीट कार्यकर्ताओं को दी जाए. साथ ही कहना है कि मांझी धृतराष्ट्र बन गए हैं. उन्हें अपने परिवार के अलावा कोई और नजर नहीं आ रहा है. 

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मांझी और उनके पुत्र संतोष सुमन द्वारा मंच से कार्यकर्ताओं को एक सीट देने का वादा किया गया था, लेकिन चुनाव आते ही वे अपना वादा भूल गए. कार्यकर्ताओं का कहना है कि गया जिला में हम पार्टी को मजबूती प्रदान करने के लिए बहुत मेहनत की है. सभी कार्यकर्ता हम सुप्रीमो जीतन राम मांझी और संतोष सुमन से आग्रह करेंगे कि जो वादा किया था, उसे पूरा किया जाए. 

मांझी के खिलाफ धरना प्रदर्शन 

वहीं पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कार्यकर्ताओं के धरना पर बैठने पर कहा कि उनकी मांग वाजिब है. लेकिन गठबंधन के कारण बोधगया विधानसभा सीट हम के खाते में नहीं आई, इस वजह से समस्या हो रही है. 


कार्यकर्ता पांच सीटों पर मांग रहे हैं हिस्सा 

हम के पाले में पांच सीटें आई हैं. धरने पर बैठे ये कार्यकर्ता इन्हीं पांच सीटों में से अपना हिस्सा मांग रहे हैं. वहीं आपको बता दें कि हम की पांच सीटों पर जीतन राम मांझी खुद इमामगंज से चुनाव मैदान में हैं. उनकी समधन ज्योति मांझी बाराचट्टी से, उनके दामाद देवेंद्र मांझी मखदुमपुर, पूर्व मंत्री अनिल कुमार टिकारी से चुनाव लड़ने जा रहे हैं, जबकि एक सीट कुटुंबा से दी जाने की खबर है.

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