बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए 28 अक्टूबर को मतदान होना है. लिहाजा, चुनाव प्रचार भी चरम पर है. इसी कड़ी में जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार भी जमकर रैलियां कर रहे हैं. सोमवार को उन्होंने गया के टिकारी विधानसभा क्षेत्र में रैली की.
इस रैली में हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी भी पहुंचे थे. मांझी की पार्टी इस बार एनडीए के साथ चुनाव लड़ रही है. टिकरी में नीतीश कुमार के संबोधन से पहले जीतनराम मांझी ने भाषण दिया. इस दौरान उन्होंने महागठबंधन से लेकर एलजेपी पर भी निशाना साधा.
मांझी ने आरजेडी के 10 लाख नौकरी देने के वादे पर तेजस्वी यादव की आलोचना की. मांझी ने कहा कि ये वादा खोखला है, इतनी नौकरी देना मुमकिन नहीं है, इसलिए अगर इनकी सरकार बन भी गई तो ये लोग अपहरण उद्योग में नौकरी देंगे, जैसे 2005 से पहले होता था.
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इसके अलावा मांझी ने कहा कि ये जो चुनाव है उसे एक चुनौती के रूप में लेना है, एक ओर वो हैं जो दुर्गंध फैला कर जनता को बहकाना चाहते हैं, और दूसरी ओर अपने विकास कार्यों के बल पर हम सभी चुनाव लड़ रहे हैं. लोग नौकरी देंगे? अपहरण उद्योग चालू करेंगे जो 2005 से पहले चलता था.
उन्होंने लालू यादव और राबड़ी देवी के 15 साल के शासन की याद दिलाते हुए कहा कि आपको पता है पहले इंजीनियर, डॉक्टरों का अपहरण होता था, लोग मुख्यमंत्री के पास जाते तो अपहरण करने वाले को बुलाया जाता और बोल देते कि लड़का लोग भूखा है कुछ खाने के लिए दे दो.
LJP पर भी निशाना
जीतनराम मांझी ने चिराग पासवान की एलजेपी पर भी निशाना साधा. मांझी ने कहा कि खासकर दलितों-महादलितों से विशेष अपील करते हुए कहा कि कुछ वोटकवा लोग बरगला रहे हैं लेकिन धोखे में नहीं आना है. बता दें कि चिराग पासवान लगातार जेडीयू पर निशाना साध रहे हैं और बीजेपी के नेतृत्व में अगली सरकार बनने का दावा कर रहे हैं.
टिकारी सीट पर 15 साल से जेडीयू उम्मीदवार को जीत मिल रही है. 2005 और 2010 में जेडीयू के टिकट पर अनिल कुमार ने जीत दर्ज की थी. इसके बाद वो जीनतराम मांझी के साथ चले गए. फिलहाल, मांझी जेडीयू के साथ आ गए हैं और अनिल कुमार एनडीए उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं.