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Kahalgaon Election Result: कहलगांव में कांग्रेस को मिली मात, बीजेपी के पवन कुमार जीते

Kahalgaon Election Results 2020 कहलगांव विधानसभा सीट पर बीजेपी के पवन कुमार यादव को जीत मिली है. उन्होंने कांग्रेस के शुभानंद मुकेश को मात दी है. पवन कुमार यादव को 40 हजार से ज्यादा वोटों से जीत मिली.

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Kahalgaon Election Results 2020
Kahalgaon Election Results 2020
स्टोरी हाइलाइट्स
  • भागलपुर जिले के अंतर्गत आती है कहलगांव सीट
  • कहलगांव में कांग्रेस का रहा है दबदबा
  • इस बार के चुनाव में बीजेपी को मिली जीत

कहलगांव विधानसभा सीट पर बीजेपी के पवन कुमार यादव को जीत मिली है. उन्होंने कांग्रेस के शुभानंद मुकेश को मात दी है. पवन कुमार यादव को 40 हजार से ज्यादा वोटों से जीत मिली. चुनाव आयोग के आंकड़े के मुताबिक, पवन कुमार यादव को 115538 वोट मिले. वहीं शुभानंद मुकेश के खाते में 72645 वोट पड़े. 

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कहलगांव विधानसभा सीट पर 14 उम्मीदवार मैदान में थे. इससे पहले 2015 के चुनाव कांग्रेस के सदानंद सिंह ने बाजी मारी थी. बीजेपी की जीत के साथ ही कांग्रेस के पास से ये सीट चली गई.

कहलगांव के बारे में

अंग्रेजों के शासन के दौरान कहलगांव को कोलगोंग के नाम से जाना जाता था. ये विक्रमशीला के करीब है. कहलगांव का नाम कहोल ऋषि के नाम पर पड़ा, जो अष्टावक्र नाम के संत के पिता थे. 2011 की जनगणना के मुताबिक कहलगांव की जनसंख्या 5,10,397 है. यहां की 93.05 फीसदी जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्र और 6.95 फीसदी जनसंख्या शहरी क्षेत्र में रहती है. कहलगांव की कुल जनसंख्या में से 11.71 फीसदी अनुसूचित जाति और 1.12 फीसदी अनुसूचित जनजाति के लोग हैं. 2019 की मतदाता सूची के मुताबिक, कहलगांव में 3,23,868 वोटर्स हैं. 

राजनीतिक पृष्ठभूमि

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कहलगांव विधानसभा सीट कांग्रेस के दबदबे वाली सीट है. यहां पर सबसे ज्यादा उसे ही जीत मिली है. 1951 में हुए यहां पर पहले चुनाव में कांग्रेस के रामजन्म महतों विजयी रहे थे. कांग्रेस को 1967 के चुनाव में यहां पर पहली बार हार मिली. तब सीपीआई ने उसे शिकस्त दी थी. लेकिन अगले ही चुनाव में कांग्रेस ने वापसी की और उसके बाद लगातार तीन चुनावों में उसे जीत मिली.

इसके बाद 1985,1990 और 1995 के चुनाव में कांग्रेस को यहां पर लगातार शिकस्त मिली. 2000 में कांग्रेस की एक बार फिर यहां पर वापसी होती है. कांग्रेस के सदानंद सिंह 2000 और 2005 के चुनाव में विजयी बनते हैं, लेकिन 2005 के ही उपचुनाव में उन्हें जेडीयू के अजय कुमार मंडल से शिकस्त मिल जाती है. लेकिन कहलगांव की जनता इसके बाद के चुनाव में सदानंद को एक बार विधानसभा भेजती है. उन्होंने 2010 और 2015 के चुनावों में जीत हासिल की. इस तरह से वह 9 बार इस सीट से विधायक चुने गए हैं. साल 1985 के चुनाव में उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी.

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2015 का जनादेश

2015 के विधानसभा चुनाव में कहलगांव में 3,08,196 मतदाता थे. इसमें से 52.75 फीसदी पुरुष और 47.25 फीसदी महिला वोटर्स थीं. 1,77,151 लोगों ने अपने मत का इस्तेमाल किया था. यानी यहां पर 57 फीसदी मतदान हुआ था. कांग्रेस के सदानंद सिंह ने एलजेपी के नीरज कुमार को 20 हजार से ज्यादा वोटों से मात दी थी. सदानंद के खाते में 36.68 फीसदी वोट पड़े थे तो वहीं नीरज कुमार को 24.7 फीसदी वोट मिले थे. 

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कितनी हुई वोटिंग

कहलगांव  में पहले चरण के तहत मतदान हुआ. यहां पर 28 अक्टूबर को वोटिंग हुई. कहलगांव में 61.95 फीसदी मतदान हुआ. 

 

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