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कटिहार: नेपाल-बांग्लादेश से व्यापार करने वाला बिहार का गरीब जिला

पश्चिम बंगाल और झारखंड की सीमा पर बसा कटिहार, बिहार का एक अहम जिला है. कटिहार में आजीविका का प्रमुख स्रोत खेती है. इसके अलावा यहां पर कुछ छोटे उद्योग भी हैं.

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कटिहार में खेती है आय का प्रमुख साधन (फोटो- PTI)
कटिहार में खेती है आय का प्रमुख साधन (फोटो- PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कटिहार में खेती ही है आय का प्रमुख साधन
  • पश्चिम बंगाल और झारखंड की सीमा पर बसा है कटिहार
  • जिले में काफी गरीबी की स्थिति

पश्चिम बंगाल और झारखंड की सीमा पर बसा कटिहार, बिहार का एक अहम जिला है. यह सन 1973 में पूर्णिया जिले अलग होकर स्वतंत्र जिला बना. यहां पर महानंदा, कोसी, गंगा और रिगा जैसी नदियां बहती हैं. कटिहार बिहार के सबसे बड़े रेलवे स्टेशनों में से एक है. कटिहार अंग्रेजों के खिलाफ आजादी की लड़ाई में आगे रहा है. कटिहार से कांग्रेस अध्यक्ष सीताराम केसरी और तारिक अनवर जैसे नेता निकले हैं. 

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मणिहारी हिंदुओं की आस्था का केंद्र
बंगाल के विभाजन से पहले कटिहार बंगाल का अंग हुआ करता था. बाद में बंगाल को बिहार, बंगाल और ओडिशा में बांटा गया. कटिहार हिंदू धर्मावलंबियों के लिए अहम माना जाता है. कहा जाता है कि हिंदुओं के आराध्य कृष्ण यहां आए थे और मनिहारी (कटिहार जिले का एक धार्मिक स्थल) में उनकी एक मणि को खो गई थी. बावजूद छोटे और सफल उद्योगों के कटिहार मूल रूप से पिछड़ा हुआ जिला है. 

खेती और लघु उद्योग हैं अर्थव्यवस्था की रीढ़
कटिहार में आजीविका का प्रमुख स्रोत खेती है. इसके अलावा यहां पर कुछ छोटे उद्योग भी हैं. इनमें दो जूट मिल और दो आटा मिल शामिल हैं. जूट मिलों को पुरानी जूट मिल और नया जूट मिल के नाम से जाना जाता है. इसके अलावा एक औद्योगिक इकाई तिन्गाचिया में कृषि उत्पादों का उत्पादन कर रही हैं. इस क्षेत्र में चावल उद्योग एक समृद्ध व्यवसाय है. यहां मुख्य रूप से कृषि आधारित उद्योग हीहैं. धान, गेहूं और दलहन के अलावा कटिहार जिले के किसानों की मुख्य नगदी फसल केला, जूट और मक्का हैं. इसके अलावा मखाना भी उगाया जाता है. साथ ही कपास और साड़ी पर काम का हथकरघा उद्योग भी है. इसका यहां से पास के जिलों के साथ ही नेपाल और बांग्लादेश को भी निर्यात होता है. 

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कटिहार का सामाजिक तानाबाना
2011 की जनगणना के अनुसार जिले की आबादी करीब 30.72 लाख है. कटिहार में लिंगानुपात आदर्श स्थिति में नहीं है. यहां पर प्रति 1000 पुरुषों के मुकाबले 916 महिलाएं ही हैं. जिले में साक्षरता की दर 53.56% है. कटिहार में हिंदू और मुस्लिम आबादी करीब आधी-आधी है. जिले में करीब 55 फीसदी आबाही हिंदू धर्म को मानने वाली है तो लगभग 45 फीसदी आबादी इस्लाम को मानती है. 

कटिहार की राजनीतिक तस्वीर
कटिहार जिले में कटिहार लोकसभा सीट आती है. यहां पर आजादी के बाद से हुए लोकसभा चुनावों में सात बार कांग्रेस और तीन बार भाजपा को जीत मिली है. हालांकि 1998 के बाद से यहां कांग्रेस जीत नहीं पाई है. जनता दल को इस सीट पर दो बार जीत मिली है. पिछला चुनाव यहां जेडीयू के सांसद ने जीता था. उससे पहले यह सीट एनसीपी के पास थी. कटिहार जिले में सात विधानसभा सीटें हैं. इनमें कटिहार, कडवा, कोढ़ा (अनुसूचित जाति), बरारी (अनुसूचित जाति), मनिहारी (अनुसूचित जनजाति), बलरामपुर और प्राणपुर सीटें हैं. इनमें से तीन सीटें कांग्रेस, दो सीटें भाजपा और एक-एक आरजेडी और भाकपा (माले) के पास है. 

जिले के प्रमुख अधिकारी
पूर्णिया प्रमंडल की कमिश्रर शफीना ए. एन. हैं. उनकी ई-मेल आईडी divcom-purnea-bih@nic.in है. उनसे मोबाइल फोन नंबर +919431230001 पर संपर्क किया जा सकता है. जिले के डीएम कंवल तनुज हैं. उनकी ई-मेल आईडी dm-katihar.bih@nic.in हैं. उनसे मोबाइल नंबरों- +919473191372 और +916452230880 पर भी संपर्क किया जा सकता है. जिले के एसपी विकास कुमार हैं. उनकी ई-मेल आईडी sp-katihar-bih@nic.in है. उनका मोबाइल फोन नंबर +919431800001 है.
 

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