लोकजनशक्ति पार्टी (एलजेपी) की आज होने वाली संसदीय बोर्ड की बैठक टल गई है. केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के अस्वस्थ होने के कारण बैठक को टाला गया है. एलजेपी प्रमुख चिराग पासवान अपने पिता रामविलास पासवान को देखने के लिए अस्पताल पहुंचे हैं. रामविलास पासवान दिल्ली के अस्पताल में भर्ती हैं.
एलजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक आज शाम 6 बजे होने वाली थी. चुनाव से पहले ये उसकी आखिरी बैठक है. अभी तक बीजेपी और एलजेपी में सीट शेयरिंग को लेकर बात नहीं बन पाई है. माना जा रहा है कि एलजेपी बिहार में अकेले चुनाव लड़ सकती है. रविवार को इसका औपचारिक ऐलान हो सकता है.
संभव है कि एलजेपी 143 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की घोषणा भी कर दे. पहली सूची में 56 प्रत्याशियों का नाम हो सकता है. एलजेपी का अलग होना बिहार में NDA के लिए एक बड़ा झटका हो सकता है.
एलजेपी प्रमुख चिराग पासवान ने बीते महीने बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से पांच बार मुलाकात की थी. वहीं एक बार वह गृह मंत्री अमित शाह से भी मिले थे. एलजेपी के सूत्रों की मानें तो पार्टी को केवल 15 से 20 सीटों का ऑफर मिला है. लेकिन एलजेपी ने 42 सीटों की मांग रखी है. जेडीयू नेता पहले ही कह चुके है कि उसका एलजेपी से गठबंधन नहीं है. बीजेपी अपने हिस्से से एलजेपी के साथ सीटें साझा करे.
दूसरी तरफ जेडीयू और बीजेपी के बीच भी सीटों के बंटवारे को लेकर अभी तक बात नहीं बन पाई है. सूत्रों के मुताबिक, जेडीयू चुनाव में बीजेपी से ज्यादा सीटों पर लड़ना चाहती है. अगर एलजेपी एनडीए गठबंधन से बाहर जाती हैं तो एलजेपी अपने उम्मीदवार बीजेपी के खिलाफ नहीं उतारेगी. एलजेपी अपने को बीजेपी के गठबंधन के तौर पर ही पेश करेगी. पार्टी पीएम नरेंद्र मोदी, रामविलास पासवान और चिराग पासवान के नाम पर लड़ेगी. लेकिन जेडीयू के खिलाफ हर सीट पर वह उम्मीदवार उतारेगी. सूत्रों की मानें तो केंद्र में बीजेपी और एलजेपी का गठबंधन जारी रहेगा. रामविलास पासवान केंद्र सरकार में मंत्री बने रहेंगे.