लोकजनशक्ति पार्टी के संस्थापक रामविलास पासवान के बीमार होने की वजह से पार्टी अध्यक्ष चिराग पासवान पर बिहार चुनाव को लेकर बड़ी जिम्मेदारी है. बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर चिराग की अगुवाई में लोक जनशक्ति पार्टी ने आज रविवार को बड़ा फैसला लिया और एनडीए से अलग होकर नीतीश कुमार की अगुवाई में चुनाव नहीं लड़ने का फैसला लिया. हालांकि पार्टी ने कहा कि उसकी बीजेपी के साथ किसी तरह की कटुता नहीं है.
लोकजनशक्ति पार्टी के नीतीश कुमार की अगुवाई में चुनाव नहीं लड़ने के फैसले पर पार्टी अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा, 'मैं आज के फैसले से खुश हूं. मुझे अपने पल का आनंद लेने दें.'
पार्टी की ओर से संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद जारी रिलीज में कहा गया कि बिहार में विधानसभा चुनाव के बाद सभी विधायक बीजेपी के नेतृत्व में सरकार बनाएंगे. बीजेपी और लोक जनशक्ति पार्टी में कोई कटुता नहीं है. हालांकि जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के साथ लोक जनशक्ति पार्टी का वैचारिक मतभेद है.
बोर्ड की बैठक में नीतीश कुमार की अगुवाई में लोक जनशक्ति पार्टी के चुनाव नहीं लड़ने के फैसले के साथ ही पार्टी ने 'बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट विजन' डॉक्यूमेंट प्रदेश में लागू करने के अपने संकल्प को दोहराया. साथ ही पार्टी की ओर से कहा गया कि राष्ट्रीय स्तर और लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी तथा लोक जनशक्ति पार्टी के बीच मजबूत गठबंधन है.
हालांकि राजकीय स्तर पर और विधानसभा चुनाव में गठबंधन में मौजूद जनता दल यूनाइटेड से वैचारिक मतभेदों के कारण बिहार में लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) ने गठबंधन से अलग चुनाव लड़ने का फैसला लिया है. पार्टी ने कहा कि कई सीटों पर जनता दल यूनाइटेड के साथ वैचारिक लड़ाई हो सकती है ताकि उन सीटों पर जनता निर्णय कर सके कौन सा प्रत्याशी बिहार के हित में बेहतर है.
पार्टी की प्रेस रिलीज में यह भी कहा गया कि लोक जनशक्ति पार्टी 'बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट विजन' डॉक्यूमेंट लागू करना चाहती थी, जिस पर समय रहते सहमति नहीं बन सकी. पार्टी की ओर से कहा गया कि लोकसभा में हमारा बीजेपी के साथ एक मजबूत गठबंधन है. पार्टी का मानना है कि केंद्र की तर्ज पर बिहार में भी बीजेपी के नेतृत्व में सरकार बने. पार्टी का हर विधायक बीजेपी के नेतृत्व में बिहार को फर्स्ट बनाने का काम करेगा.