बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार राज्य के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय चर्चा का विषय बने हुए हैं. चुनाव से ठीक पहले उन्होंने नौकरी छोड़ जनता दल यूनाइटेड का दामन थाम लिया था. लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला है, जिसपर कई प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने भी इस मसले पर तंज कसा.
अनिल देशमुख ने कहा कि क्योंकि हमने सवाल किया था कि क्या भारतीय जनता पार्टी गुप्तेश्वर पांडेय के लिए प्रचार करेगी, इसी एक सवाल से डर पैदा हुआ. और ना बीजेपी और ना ही जदयू ने उन्हें टिकट दिया.
आपको बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत केस को लेकर गुप्तेश्वर पांडेय काफी मुखर रहे हैं और उन्होंने कई बार मुंबई पुलिस, महाराष्ट्र सरकार पर केस की जांच को लेकर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था. जबकि महाराष्ट्र सरकार, शिवसेना की ओर से इसे सिर्फ राजनीतिक कैंपेन ही बताया गया.
अब जब गुप्तेश्वर पांडेय ने राजनीति में कदम रखा और उन्हें टिकट नहीं मिला, तो एक बार फिर शिवसेना की ओर से तंज कसे जा रहे हैं.
गौरतलब है कि बीते दिन जदयू-बीजेपी की ओर से कई सीटों के उम्मीदवारों का ऐलान किया गया. जब गुप्तेश्वर पांडेय का नाम उसमें शामिल नहीं रहा, तो उन्होंने फेसबुक के जरिए सफाई दी कि वो चुनाव नहीं लड़ रहे हैं.
उन्होंने एक लंबा फेसबुक पोस्ट करते हुए लिखा ‘’अपने अनेक शुभचिंतकों के फोन से परेशान हूं, मैं उनकी चिंता और परेशानी भी समझता हूं. मेरे सेवामुक्त होने के बाद सबको उम्मीद थी कि मैं चुनाव लड़ूंगा लेकिन मैं इस बार विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ रहा. हताश निराश होने की कोई बात नहीं है. धीरज रखें. मेरा जीवन संघर्ष में ही बीता है. मैं जीवन भर जनता की सेवा में रहूंगा. कृपया धीरज रखें और मुझे फोन नहीं करे. बिहार की जनता को मेरा जीवन समर्पित है."