बिहार विधानसभा चुनाव की सरगर्मी तेज हो गई है. आज बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने निश्चय संवाद के नाम से वर्चुअल रैली को संबोधित किया. इस रैली में नीतीश कुमार ने कोरोना काल में किए गए कामों का बखान करते हुए विपक्ष को जवाब दिया, साथ ही बाढ़ प्रभावितों की मदद की भी चर्चा की. इसके अलावा उन्होंने आरजेडी अध्यक्ष लालू यादव पर भी हमला किया. साथ ही उन्होंने कहा कि बिहार में अब बिजली आ गई है, इसलिए लालटेन की जरूरत नहीं है.
नीतीश कुमार ने कानून-व्यवस्था के मसले पर आरजेडी के शासन और अपने कार्यकाल की तुलना की. नीतीश कुमार ने पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले हालात इतने बुरे थे कि सामूहिक नरसंहार होता था. लोग गाड़ी में राइफल दिखाते हुए चलते थे. जबकि अब बिहार में क्राइम का ग्राफ बहुत नीचे चला गया है.
अंदर हैं और ट्वीट करते हैं जी...
नीतीश कुमार ने लालू यादव पर चुटकी भी ली. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का बहुत लोग दुरुपयोग करते रहते हैं. अंदर हैं और ट्वीट करते हैं जी...बता दें कि लालू यादव चारा घोटाला केस में जेल के अंदर हैं और उनके ट्विटर हैंडल से लगातार ट्वीट आते रहते हैं.
कब्रिस्तान-मंदिर की रक्षा की
नीतीश कुमार ये भी बताया कि हमारी सरकार ने कब्रिस्तान की घेरेबंदी कराई. उन्होंने बताया कि
8064 कब्रिस्तान में से 6299 की घेरेबंदी करा दी गई है. जबकि दूसरी तरफ मंदिर से मूर्ति चोरी होने लगी थी. हमारी सरकार ने 226 मंदिरों में पूर्ण चारदीवारी कराई है, जबकि 112 पर काम जारी है और 48 प्रक्रियाधीन है.
कोरोना पर क्या बोले नीतीश कुमार
इससे पहले नीतीश कुमार ने अपने भाषण की शुरुआत में कोरोना पर सरकार द्वारा किए गए कार्यों की चर्चा की. लॉकडाउन से लेकर अनलॉक में जो भी नियम बनाए गए उस पर काम करने की बात नीतीश कुमार ने कही. उन्होंने विपक्ष के सवालों पर जवाब देते हुए ये भी कहा कि कुछ लोग आलोचना करते रहते हैं, बोलते रहते हैं लेकिन हमने शुरुआत से ही कोरोना जांच बढ़ाने के लिए कहा था. नीतीश ने कहा, ''आज बिहार में प्रतिदिन 1 लाख 50 हजार से ज्यादा कोरोना जांच हो रही है. सबसे ज्यादा जांच एंटीजन टेस्ट से हो रही है. जांच में शीघ्रता के लिए राज्य सरकार 10 आरटीपीसीआर मशीन खरीद रही है.''
नीतीश कुमार ने बताया कि कोरोना मरीजों के लिए बेड, ऑक्सीजन का पर्याप्त इंतजाम है और जितनी व्यवस्था है उसका पूरा इस्तेमाल भी नहीं हो पा रहा है.
आर्थिक मदद भी दी
नीतीश कुमार ने ये भी बताया कि कोरोना से मरने वाले लोगों के परिजनों को सरकार की तरफ से 4 लाख रुपये की मदद दी जा रही है. डॉक्टरों के उत्साहवर्जन के एक महीने का अधिक वेतन दिया जा रहा है. साथ ही लॉकडाउन में फंसे मजदूरों की पूरी मदद की गई. इसके अलावा राशनकार्ड धारकों की मदद की गई.
बाढ़ में किया पूरा काम
नीतीश कुमार ने बताया कि कोरोना के चलते आर्थिक संकट बढ़ता ही जा रहा है. दूसरी तरफ बाढ़ ने काफी नुकसान किया है. 16 जिले इस बार बाढ़ से प्रभावित हुए और सरकार ने तत्काल राहत पहुंचाई और 5 लाख से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू किया गया. खाने के लिए सामुदायिक रसोई चलाई गई. 83 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ प्रभावित हुए. सामुदायिक किचन से पूरे राज्य में 10 लाख लोगों को खाना खिलाया. साथ ही कोरोना की जांच भी कराई.
बाढ़ का जिक्र करते हुए नीतीश कुमार ने उस दौर का भी जिक्र किया जब उन्हें सत्ता मिली थी. नीतीश कुमार ने बताया कि 2006 के बाद हमने SOP बनाया कि कब किसी परिस्थिति में क्या काम करना है. 2007 में 22-23 जिले बाढ़ से प्रभावित हुए थे, हमने काम किया. एक-एक क्विंटल अनाज बांटा. इसी कड़ी में जब हम दरभंगा गए तो हम सुने कि लोग हमको क्विंटलिया बाबा बोल रहे थे. ये इसलिए था क्योंकि हमने काम किया, पहले कुछ नहीं होता था.