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बिहार चुनाव में पहली बार उतरी पुष्पम प्रिया की पार्टी पहुंची दिल्ली हाई कोर्ट, रखी ये मांग

बिहार विधानसभा चुनावों में अपनी किस्मत आजमा रही नई नवेली पार्टी प्लूरल पार्टी ने दिल्ली हाई कोर्ट में चुनाव लड़ने के लिए चेस बोर्ड सिंबल देने के लिए याचिका लगाई है. इस याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई करते हुए चुनाव आयोग को 4 हफ्ते के भीतर अपना जवाब दाखिल करने को कहा है.

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बिहार चुनाव में किस्मत आजमा रही प्लूरल पार्टी
बिहार चुनाव में किस्मत आजमा रही प्लूरल पार्टी
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बिहार चुनाव में किस्मत आजमा रही है प्लूरल पार्टी
  • पार्टी पहुंची दिल्ली हाई कोर्ट, चुनाव आयोग को नोटिस
  • चुनाव आयोग 4 हफ्ते में जमा करे जवाब- कोर्ट

बिहार के विधानसभा चुनावों में अपनी किस्मत आजमा रही प्लूरल पार्टी ने दिल्ली हाई कोर्ट में चुनाव लड़ने के लिए चेस बोर्ड सिंबल देने के लिए याचिका लगाई है. इस याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई करते हुए चुनाव आयोग को 4 हफ्ते के भीतर अपना जवाब दाखिल करने को कहा है. 

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कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 21 दिसंबर की तारीख तय की है, जबकि बिहार में चुनाव 9 नवंबर को हो जाएंगे. इस पार्टी का गठन इसी साल 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पुष्पम प्रिया चौधरी द्वारा किया गया है, जो जनता पार्टी यूनाइटेड के नेता विनोद चौधरी की बेटी हैं. 

फिलहाल प्लूरल पार्टी चुनाव आयोग की लिस्ट में गैर मान्यता प्राप्त पार्टी की लिस्ट में है. इसमें चुनाव आयोग चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों को फ्री सिंबल देता है. प्लूरल पार्टी ने हाई कोर्ट में याचिका लगाई है कि उसके 20 से अधिक उम्मीदवारों को बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए चेस बोर्ड का सिंबल दिया गया है. लिहाजा बाकी उम्मीदवारों को भी सिंबल के तौर पर चेस बोर्ड ही चुनाव लड़ने के लिए आवंटित कर दिया जाए.

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प्लूरल पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनावों में 243 सीटों में से तकरीबन 170 सीटों पर चुनाव लड़ने का लक्ष्य रखा हुआ है. 22 उम्मीदवारों के अलावा 63 और उम्मीदवारों का भी नामांकन भरा जा चुका है. जबकि तकरीबन 10 लोगों का नामांकन खारिज किया जा चुका है. प्लूरल पार्टी जो कि इस बार अपना पहला चुनाव लड़ने जा रही है, ऐसे में दिल्ली हाई कोर्ट में लगाई गई याचिका में कहा गया है कि कोर्ट चुनाव आयोग को निर्देश दे कि वो पहले फेज में 28 अक्टूबर को होने जा रहे चुनावों में प्लूरल पार्टी के उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने और चुनाव लड़ने की इजाजत दे.

मगर इस मामले में प्लूरल पार्टी को दिल्ली हाई कोर्ट ने सुनवाई के लिए अगली तारीख 21 दिसंबर दी है, जबकि बिहार में चुनावों के संपन्न होने की तारीख 9 नवंबर है. ऐसे में याचिकाकर्ता के वकील सत्यम सिंह ने कहा कि हाई कोर्ट में अगले एक दो दिन में इस मामले में जल्द सुनवाई के लिए हम अर्जी लगाएंगे.

दरअसल, चुनाव आयोग के द्वारा किसी भी पार्टी को मान्यता प्राप्त पार्टी का दर्जा तब दिया जाता है जब चुनाव लड़ने के बाद वो पार्टी कुल पड़े वोट का 10 फीसदी वोट हासिल कर सके. प्लूरल पार्टी का ये पहला चुनाव है. ऐसे में नियम के मुताबिक वो गैर मान्यता प्राप्त पार्टी है और उसे चुनाव आयोग द्वारा दिए गए फ्री सिंबल पर ही चुनाव लड़ना होगा.

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लेकिन पार्टी का तर्क है कि जो 22 उम्मीदवारों को चेस बोर्ड सिंबल दिया गया है, वो ही बाकी को भी दे दिया जाए. ऐसे में पार्टी की तरफ से लगाई याचिका में फ्री सिंबल के तौर पर चेस बोर्ड मिलेगा, ये इस बात से साफ होगा कि क्या दिल्ली हाई कोर्ट में इस मामले में अगले कुछ दिनों में सुनवाई संभव होगी. 


 

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