बिहार की सियासत में चुनावी रंग चढ़ने लगा है. नेताओं के दल-बदल का सिलसिला तेज हो गया है तो वहीं, जुबानी जंग ने भी रफ्तार पकड़ ली है. विधानसभा में विपक्ष के नेता और समय-समय पर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की ओर से मुख्यमंत्री पद के लिए उम्मीदवार बताए जाते रहे तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर हमला बोला है.
तेजस्वी यादव ने शनिवार को पत्रकारों से बात करते हुए आरोप लगाया कि नीतीश कुमार ने 15 साल में कुछ नहीं किया. हर जगह भ्रष्टाचार है. नीतीश कुमार भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का काम किए. इस सरकार ने दो पीढ़ियों को बेरोजगार कर दिया. उन्होंने ऐलान किया कि बेरोजगारी हटाने के लिए हम आंदोलन शुरू कर रहे हैं. तेजस्वी ने इसके लिए पोर्टल लॉन्च किया और टोल फ्री नंबर भी जारी किया.
विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी ने साथ ही कहा कि हमारी पार्टी सत्ता में आई तो साढ़े चार लाख पदों पर भर्ती की जाएगी. स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, शिक्षा विभाग में खाली पदों पर नियुक्ति की जाएगी. हर विभाग में नियमित बहाली की जाएगी और आबादी के मुताबिक नए पद सृजित किए जाएंगे. इसे लेकर हम एक्सपर्ट्स से बात कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि आरजेडी के सत्ता में आने पर हर व्यक्ति को रोजगार मिले, यह सुनिश्चित किया जाएगा.
तेजस्वी ने बेरोजगारी, गरीबी और पलायन पर जोर देते हुए कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी दर 46 फीसदी है. हमने बेरोजगारी हटाओ यात्रा की. उन्होंने कहा कि बिहार में गरीबी दर 52 फीसदी है. प्रदेश का हर दूसरा परिवार पलायन को मजबूर है. लोगों को शिक्षा और रोजगार के लिए पलायन करना पड़ रहा है. यहां जो भर्ती परीक्षा होती भी है, उसका पेपर लीक हो जाते हैं.
नीतीश कुमार पर हमला बोलते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि उनसे पूछना चाहता हूं कि लॉकडाउन के दौरान कितने लोगों को रोजगार दिया. सिर्फ चुनाव के समय ही बड़ी घोषणाएं होती हैं. जो व्यक्ति 15 साल में कुछ नहीं कर पाया, वह दो महीने में क्या करेगा. उन्होंने कहा कि आज नीतीश कुमार एससी एसटी एक्ट को लेकर बड़ी-बड़ी घोषणाएं कर रहे हैं. हत्या होने पर परिवार के सदस्य को नौकरी मिलेगी. तेजस्वी ने सवाल किया कि यह सुविधा केवल दलितों को क्यों, सवर्ण समाज और पिछड़ों को भी यह सुविधा मिलनी चाहिए.
तेजस्वी ने साथ ही यह भी कहा कि इस नई घोषणा से दलितों में हत्या की प्रवृत्ति बढ़ेगी. तेजस्वी ने सीएम नीतीश से जाति की राजनीति न करने की अपील भी की. गौरतलब है कि बिहार में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं. आरजेडी और अन्य दलों के विरोध के बावजूद चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि चुनाव समय पर ही कराए जाएंगे.