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शिवहर विधानसभा सीटः रघुनाथ झा की धरती पर क्या इस बार भी JDU को मिलेगी जीत

शिवहर विधानसभा सीट पर 2015 के विधानसभा चुनाव में जनता दल यूनाइटेड के शरफुद्दीन ने कांटेदार मुकाबले में जीत हासिल की थी. उन्होंने हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेकुलर) के उम्मीदवार को महज 461 मतों के अंतर से हराया था. शरफुद्दीन को 29.7% वोट मिले जबकि दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार को 29.4% वोट हासिल हुए.

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शिवहर में कांटेदार मुकाबले में जेडीयू के खाते में गई जीत (फाइल-पीटीआई)
शिवहर में कांटेदार मुकाबले में जेडीयू के खाते में गई जीत (फाइल-पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • लगातार 6 बार विधायक रहे रघुनाथ झा
  • बेटे अजित कुमार झा भी 2 बार विधायक बने
  • 2015 में जनता दल यूनाइटेड को मिली जीत
  • पिछले चुनाव में 461 रहा हार-जीत का अंतर

शिवहर विधानसभा सीट की बिहार विधानसभा में सीट क्रम संख्या 22 है. यह विधानसभा क्षेत्र शिवहर जिले में पड़ता है और यह शिवहर (लोकसभा) निर्वाचन क्षेत्र का एक हिस्सा भी है. 2008 में परिसीमन आयोग की सिफारिश के बाद शिवहर विधानसभा सीट में शिवहर, पिपराही, डुमरी कतसारी और पूर्णहिया सामुदायिक विकास केंद्र को शामिल किया गया.

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शिवहर विधानसभा सीट रघुनाथ झा के नाम से जानी जाती है. रघुनाथ झा अपने करीब 4 दशक लंबे संसदीय जीवन में लगातार 6 बार शिवहर से विधायक रहे और 2 बार क्रमशः गोपालगंज और बेतिया से लोकसभा के लिए भी चुने गए. रघुनाथ झा बिहार सरकार में कई विभागों के मंत्री भी रहे थे. इसके अलावा वह केंद्र में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार में भारी उद्योग राज्यमंत्री रहे.

झा परिवार 8 बार विजयी रहा
रघुनाथ झा शिवहर से पहली बार 1972 में पहली बार कांग्रेस के टिकट पर चुने गए थे. वह 3 बार कांग्रेस के टिकट पर चुने गए. बाद में वह जनता दल में शामिल हो गए. रघुनाथ जनता दल के गठन के बाद उसके प्रथम प्रदेश अध्यक्ष बने. साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की पार्टी समाजवादी जनता पार्टी (सजपा) और समता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रहे थे. साल 1990 में लालू प्रसाद यादव को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी. रघुनाथ झा के बेटे अजित कुमार झा भी 2 बार विधायक बने.

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2000 के बाद के विधानसभा चुनाव पर नजर डाले तो 2000 के चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल के सत्य नारायण प्रसाद ने समता पार्टी के अजित कुमार झा को हराया था. फरवरी 2005 के चुनाव में अजित कुमार झा राष्ट्रीय जनता दल के टिकट पर चुनाव लड़े और जीत हासिल की. अक्टूबर 2005 में एक बार फिर हुए विधानसभा चुनाव में अजित कुमार झा को दूसरी बार जीत हासिल हुई. लेकिन 2010 के चुनाव में परिणाम बदल गया और जनता दल यूनाइटेड के शरफुद्दीन को जीत मिली. बहुजन समाज पार्टी की प्रतिमा देवी दूसरे स्थान पर रही थीं. जबकि लगातार 2 बार से विधायक चुने गए अजित कुमार झा तीसरे स्थान पर रहे. अजित राष्ट्रीय जनता दल के टिकट पर चुनाव लड़े थे.

2015 में जनता दल यूनाइडेट को मिली जीत
2015 में हुए विधानसभा चुनाव में शिवहर विधानसभा सीट की बात की जाए तो इस सीट पर कुल 2,73,466 मतदाता थे जिसमें 1,46,037 पुरुष और 1,27,418 महिला मतदाता शामिल थे. 2,73,466 में से 1,50,049 मतदाताओं ने वोट डाले जिसमें 1,45,666 वोट वैध माने गए. इस सीट पर 54.9% मतदान हुआ था. जबकि नोटा के पक्ष में 4,383 लोगों ने वोट किया था.

शिवहर विधानसभा सीट पर 2015 के विधानसभा चुनाव में जनता दल यूनाइटेड के शरफुद्दीन ने कांटेदार मुकाबले में जीत हासिल की थी. उन्होंने हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेकुलर) के लभली आनंद को महज 461 मतों के अंतर से हराया था. शरफुद्दीन को 29.7% वोट मिले जबकि लभली आनंद को 29.4% वोट हासिल हुए. तीसरे स्थान पर रहे निर्दलीय रत्नाकर ठाकुर को 14.9 फीसदी वोट मिले. तीनों के बीच कांटेदार टक्कर में शरफुद्दीन को रोमांचक जीत मिली. समाजवादी पार्टी की ओर से किस्मत आजमा रहे अजित कुमार झा चौथे स्थान पर रहे थे. इस सीट पर 11 उम्मीदवार मैदान में थे. 

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विधायक शरफुद्दीन की शिक्षा के बारे में बात करें तो वह साक्षर हैं और 2015 में दाखिल हलफनामे के अनुसार उन पर 2 आपराधिक केस दर्ज है. उनके पास 4,19,46,058 रुपये की संपत्ति है, जबकि उन पर 91,714 रुपये की लाइबिलटीज है.

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