बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में सिवान विधानसभा सीट पर बीजेपी एक बार फिर अपनी जीत सुनिश्चित करने के इरादे से मैदान में उतर सकती है. 2015 के चुनाव में सिवान से भारतीय जनता पार्टी के व्यासदेव प्रसाद ने जीत हासिल की थी. वहीं दूसरे नंबर पर जनता दल यूनाटेड रही थी. हालांकि अब दोनों पार्टियां मिलकर 2020 का चुनाव लड़ने वाली हैं.
सिवान विधानसभा सीट से मौजूदा विधायक व्यासदेव प्रसाद ने 2015 के विधानसभा चुनाव में जेडीयू के बबलु प्रसाद को 3534 वोटों से हराया था. हालांकि इस बार बीजेपी और जेडीयू मिलकर चुनाव लड़ने वाले हैं तो कुछ हद तक इस सीट पर बीजेपी-जेडीयू गठबंधन का पलड़ा भारी दिखाई देता है.
इस विधानसभा सीट पर 3 नवंबर 2020 को मतदान हुआ. वहीं 10 नवंबर को मतगणना की जाएगी. इस सीट पर बीजेपी की ओर से ओम प्रकाश यादव और आरजेडी की ओर से अवध बिहारी चौधरी को टिकट मिली है. वहीं व्यासदेव प्रसाद निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं. यहां 54.12 फीसदी वोट डाले गए.
सिवान विधानसभा सीट
सीवान विधानसभा बिहार के सीवान जिले में स्थित है और सीवान लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है. 2011 की जनगणना के अनुसार यहां कुल 421487 आबादी में से 67.95% ग्रामीण है और 32.05% शहरी आबादी है. अनुसूचित जातियों (एससी) और अनुसूचित जनजातियों (एसटी) का अनुपात कुल जनसंख्या से क्रमशः 10.13 और 2.33 है. 2019 की मतदाता सूची के अनुसार इस निर्वाचन क्षेत्र में 303677 मतदाता और 297 मतदान केंद्र हैं.
2015 विधानसभा चुनाव
सिवान विधानसभा सीट पर 2015 के चुनाव में एक बार फिर व्यासदेव प्रसाद को जीत मिली. व्यासदेव को 55156 वोट हासिल हुए तो वहीं दूसरे नंबर पर बबलु प्रसाद को 51622 वोट मिले. वहीं इस चुनाव में अवध बिहारी चौधरी ने निर्दलीय चुनाव लड़ा और 28450 वोटों के साथ तीसरे नंबर पर रहे. 2015 के विधानसभा चुनाव में यहां 56.17% मतदान हुआ था. 2015 में बीजेपी को 35.02% और जेडीयू को 32.78% वोट मिले.
विधायक के बारे में
सिवान विधानसभा सीट से बीजेपी के व्यासदेव प्रसाद मौजूदा विधायक हैं. इनका जन्म 30 नवंबर 1945 को सिवान में हुआ था. इन्होंने विज्ञान में स्नातक तक की शिक्षा हासिल की है. इनकी पत्नी का नाम पार्वती देवी है. व्यासदेव प्रसाद के 6 बेटे और दो बेटियां है. साल 1980 में इन्होंने राजनीति में प्रवेश किया था. वहीं 1980 के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के विरोध स्वरूप 15 दिनों तक मुजफ्फरपुर सेंट्रल जेल में बंद भी रहे थे. इसके अलावा 1985 में विश्वाविद्यालय आंदोलन में 20 दिन तक भागलपुर सेंट्रल जेल में बंद रहे थे. अक्टूबर 2005, 2010 और 2015 के चुनाव में सिवान से बीजेपी की टिकट पर विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं. इसके अलावा बिहार सरकार में पूर्व राज्य मंत्री, स्वास्थ्य विभाग का पद भी संभाल चुके हैं.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
सिवान विधानसभा सीट पर पिछले कई दशकों तक अवध बिहारी चौधरी का दबदबा देखने को मिला है. 1985 के बाद से फरवरी 2005 तक हुए लगातार पांच विधानसभा चुनाव में अवध बिहारी चौधरी ने इस सीट से जीत हासिल की है. 1980 के चुनाव में अवध बिहारी चौधरी ने कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ा था और हार गए थे. इसके बाद 1985 में जेएनपी, 1990 और 1995 में जनता दल, 2000 और फरवरी 2005 में राष्ट्रीय जनता दल की टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. हालांकि अक्टूबर 2005 से बीजेपी के व्यासदेव इस सीट से जीत हासिल कर रहे हैं. अक्टूबर 2005 और 2010 के विधानसभा चुनाव में अवध बिहारी दूसरे नंबर पर रहे. वहीं 2015 में महागठबंधन होने के कारण जेडीयू के खाते में ये सीट गई, जिसके कारण अवध बिहारी ने इस सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा.