बिहार विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है. पहले चरण के मतदान के लिए नामांकन की प्रक्रिया चल रही है. निर्वाचन आयोग ने पिछले दिनों चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष संपन्न कराने के लिए 70 अधिकारियों की नियुक्ति की थी. अब चुनाव आयोग ने चुनाव खर्च की निगरानी के लिए दो विशेष पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं.
निर्वाचन आयोग ने बिहार विधान सभा चुनाव में धन बल पर निगहबानी के लिए दो विशेष खर्च पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं. भारतीय राजस्व सेवा के दो पूर्व अधिकारियों मधु महाजन और बीआर बालकृष्णन को चुनाव खर्च की निगरानी के लिए नियुक्त किया गया है. मधु महाजन 1982 और बालकृष्णन भारतीय राजस्व सेवा के 1983 बैच के अधिकारी हैं.
मधु महाजन को 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान तमिलनाडु और कर्नाटक के बाद महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भी विशेष खर्च पर्यवेक्षक बनाकर भेजा गया था. बालकृष्णन को तेलंगाना में हुए उपचुनाव में विशेष खर्च पर्यवेक्षक के रूप में काम करने का भी अनुभव है. आयोग ने इन दोनों की नियुक्ति बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से सलाह-मशविरा करने के बाद की है.
माइक्रो ऑब्जर्वर करेंगे मदद
दोनों विशेष खर्च पर्यवेक्षकों की मदद माइक्रो ऑब्जर्वर करेंगे. विशेष पर्यवेक्षक जागरुक मतदाता, सी विजिल के साथ 1950 पर एसएमएस के जरिए और सोशल मीडिया के जरिए मिलने वाली शिकायतों पर भी कार्रवाई करेंगे. निर्वाचन आयोग की ओर से कहा गया है कि चुनाव में इस्तेमाल के लिए ले जाए या जमा कर रखे गए अघोषित धन की जानकारी देने वाले जागरुक मतदाता का नाम और सभी तरह की जानकारी पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी.
28 अक्टूबर है पहले चरण का मतदान
चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा के लिए तीन चरण में चुनाव कराने का ऐलान किया है. पहले चरण के लिए वोटिंग 28 अक्टूबर को होनी है. इसके लिए नामांकन की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है. दूसरे चरण में 3 और तीसरे चरण का मतदान 7 नवंबर को होगा.