बिहार में विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो गई है, अब दस नवंबर को नतीजों का इंतजार है. बिहार की तरारी विधानसभा सीट पर इस बार 28 अक्टूबर को वोट डाले गए, यहां कुल 55.35 फीसदी मतदान हुआ.
भोजपुर जिले की तरारी विधानसभा सीट पर अभी लेफ्ट पार्टी का कब्जा है, लेकिन कभी यहां जदयू ने भी जीत दर्ज की थी. ऐसे में इस विधानसभा चुनाव में एनडीए की कोशिश यहां वापसी की होगी. ऐसे में इस बार की चुनावी लड़ाई दिलचस्प हो सकती है.
कौन है उम्मीदवार?
• कौशल कुमार विद्यार्थी – भारतीय जनता पार्टी
• संतोष सिंह – रालोसपा
• सूर्यजीत कुमार सिंह – एनसीपी
• सुदामा प्रसाद – सीपीआई (एमएल)
मतदान की तिथि – पहला चरण, 28 अक्टूबर
क्या कहता है सीट का इतिहास?
तरारी विधानसभा सीट आरा लोकसभा का ही हिस्सा है. पहले इसे तीरो विधानसभा के नाम से जाना जाता था. ये सीट 1951 में ही अस्तित्व में आ गई थी. पहले ही चुनाव में सोशलिस्ट पार्टी ने यहां कब्जा जमाया, उसके बाद कांग्रेस ने वापसी की. पिछले दो दशक में ये सीट जनता दल के इर्द गिर्द ही घूमती रही है. दो बार जदयू ने जीत दर्ज की, लेकिन पिछले चुनाव में इस सीट पर Communist Party of India (ML) को जीत मिली थी.
क्या है यहां का जातीय समीकरण?
इस विधानसभा सीट पर कुल वोटरों की संख्या ढाई लाख के करीब है. इनमें से करीब 75 हजार से अधिक भूमिहार जाति के वोटर हैं. यही कारण है कि अधिकतर राजनीतिक दल जातीय समीकरण के हिसाब से अपने उम्मीदवारों को मैदान में उतारती हैं. यहां कुल 1.40 लाख पुरुष वोटर हैं जबकि 1.20 लाख से अधिक महिला वोटर हैं.
2015 विधानसभा चुनाव के नतीजे
पिछले विधानसभा चुनाव में इस सीट पर Communist Party of India (ML) की जीत हुई थी. पिछले विधानसभा चुनाव में यहां एक दर्जन से अधिक उम्मीदवार मैदान में थे. ऐसे में कड़ा मुकाबला देखने को मिला था. CPI (ML) के सुदामा प्रसाद को कुल 44050 वोट मिले थे, जबकि दूसरे नंबर पर लोजपा की गीता पांडे रही थीं जिन्हें 43778 वोट मिले थे. यानी नतीजा सिर्फ 272 वोटों के अंतर का था.
स्थानीय विधायक के बारे में
स्थानीय विधायक सुदामा प्रसाद CPI (ML) के बड़े नेता हैं. राज्य में पार्टी के तीन विधायकों में से वो एक हैं. सुदामा प्रसाद पार्टी की राज्य कमेटी के सदस्य हैं. 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने गुजरात जाकर जिग्नेश मेवाणी के लिए प्रचार भी किया था, चुनाव मंद जिग्नेश की जीत हुई थी. पिछले चुनाव में सुदामा प्रसाद सबसे करीबी मुकामले में जीतने वाले विधायक बने थे.