राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव बिहार विधानसभा चुनाव के लिए ताबड़तोड़ रैलियां कर रहे हैं. उनकी रैलियों में काफी भीड़ जमा हो रही है. वह लगातार बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बीजेपी के खिलाफ हमलावर हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी ने एक नौजवान को हराने के लिए नेताओं की पूरी फौज उतार दी है.
रैलियों में जुट रही भीड़ क्या वोट में तब्दील हो पाएगी? आजतक के साथ बातचीत में तेजस्वी यादव ने कहा कि मैं 2012 से चुनावी कैम्पेन कर रहा हूं, अगर सिर्फ चेहरा देखना होता तो लोगों को इसके लिए बहुत मौके मिले हैं. इतना कहूंगा कि जो भी भीड़ है उनमें बिहार की डबल इंजन के खिलाफ गुस्सा बहुत है. एनडीए की सरकार से लोग काफी नाराज हैं.
रैली में जुट रही भीड़ पर तेजस्वी ने कहा कि लोगों को उम्मीद दिख रही है. लोगों को लग रहा है कि मुद्दे की बात हो रही है. बेरोजगारी की बात हो रही है. पलायन की बात हो रही है. गरीबी की बात हो रही, भूखमरी की बात हो रही है. कारखाने की बात हो रही है. इस बार बिहार चुनाव में बेरोजगारी मुद्दा बना है. उन्होंने दावा किया कि बिहार में बेरोजगारी दर सबसे अधिक है.
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लोकनीति-CSDS के ओपिनियन पोल में नीतीश की लोकप्रियता कायम रहने पर तेजस्वी यादव ने कहा कि हम मैदान में हैं. लोगों से मिल रहे हैं. जमीनी हकीकत कुछ और है. लेकिन इस चुनाव में नीतीश जी के साथ साथ पीएम मोदी, अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा हैं सब प्रचार में जुटे हुए हैं. बीजेपी की पूरी राष्ट्र की टीम है. अगर हम को अनुभव नहीं है तो ये लोग एकजुट क्यों हैं. मेरी उम्र 31 साल है. एक नौजवान को हराने के लिए उन्होंने 20-20 हेलिकॉप्टर और पूरे देश की टीम को उतार दिया है. मेरा एक ही सवाल है कि चुनाव के लिए सब कुछ है लेकिन मजदूर 2000 किलोमीटर चलकर घर पहुंचा तब कहां थे.
50 साल का अनुभव हो चुका है-तेजस्वी
तेजस्वी यादव ने कहा कि उनका अनुभव 50 साल का हो चुका है. पिता की अनुपस्थिति में भी पार्टी चलाई है, इसलिए अनुभव की कमी नहीं है. उनके 18 महीने के काम को जनता ने देखा है. बिहार में जनता की लहर है और हम जनता के साथ हैं. जो लोग डर दिखाकर चुनाव जीतना चाहते हैं वो मेरे 18 महीने के काम को दिखाएं.
डबल इंजन की सरकार से लोग नाराज
बिहार में डबल इंजन सरकार ने कोई काम नहीं किया है. नौकरी पर हमने झूठा वादा नहीं किया है. अगर वादा करना होता करोड़ों का वादा करते. बिहार में 4.5 लाख सरकारी पद खाली हैं. नीतीश कुमार एक कारखाना नहीं लगवा सके. नीतीश कुमार पूरी तरह से थक चुके हैं. उनसे बिहार संभल नहीं रहा है. तेजस्वी ने कहा कि नौकरी देने के लिए इच्छा शक्ति होनी चाहिए.
तेजस्वी यादव ने कहा कि नीतीश कुमार और केंद्र की टीम बाढ़ में कहां थी? अब चुनाव आया है तो पूरा मेरे पीछे लगा दिया है. हर वर्ग के लोग नीतीश कुमार से नाराज और निराश हैं. उन्होंने कितने प्रवासी मजूदरों को नौकरी दी है. वो अपने काम का हिसाब क्यों नहीं दे रहे हैं.