बिहार विधानसभा चुनाव के अंतिम दौर की वोटिंग से पहले राजनीतिक पार्टियों ने पूरी ताकत झोंक दी. चुनाव प्रचार के दौरान जमकर राजनीतिक बयानबाजी हुई. प्रचार के आखिरी दिन एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला में ट्विटर पर 'जंग' देखने को मिली.
दरअसल, रणदीप सुरजेवाला ने असदुद्दीन ओवैसी पर निशाना साधते हुए उन्हें बीजेपी की बी टीम बताया. रणदीप सुरजेवाला ने एक प्रेस रिलीज जारी कर कहा कि असदुद्दीन ओवैसी भाजपाई तोता हैं और भाजपा की ध्रुवीकरण की ‘काठ की हांडी’ फेल होगी. इसके बाद ओवैसी ने पलटवार किया.
इस तोते की वजह से आप हरयाणा के राज्य सभा चुनाव हार गए? मध्य प्रदेश में आपके 26 विधायक भाजपा की गोद में बैठे हैं। कर्नाटका में कितने ऐसे विधायक है जो हमारा वोट लेकर चुनाव के बाद भाजपा से जुड़ गए? इसलिए कांग्रेस वोट चोर है। 2019 लोक सभा चुनाव में 191 ऐसी सीटें थी जहाँ भाजपा...1/2 https://t.co/13fSt8jCqA
— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) November 5, 2020
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उन्होंने ट्वीट किया कि इस तोते की वजह से आप हरियाणा के राज्यसभा चुनाव हार गए? मध्य प्रदेश में आपके 26 विधायक बीजेपी की गोद में बैठे हैं. कर्नाटक में कितने ऐसे विधायक हैं जो हमारा वोट लेकर चुनाव के बाद बीजेपी से जुड़ गए? हैदराबाद के सांसद ओवैसी ने कहा कि इसलिए कांग्रेस वोट चोर है. 2019 लोकसभा चुनाव में 191 ऐसी सीटें थी जहां बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला था. इन 191 में से बीजेपी 175 जीत गई. ओवैसी ने कहा कि अगर परीक्षा में किसी को ऐसे वाहियात नंबर आते तो हम उसको प्रेस नोट जारी करते हुए तो नहीं देखते.
ओवैसी अपने ट्वीट में आगे लिखते हैं कि जब 'ओवैसी जिम्मेदार' के नारों से दिल भर जाए तो विचार करो कि कांग्रेस को हारने की ऐसी लत क्यों लग गई है.
'बीजेपी एआईएमआईएम का इस्तेमाल करती है'
एआईएमआईएम पर निशाना साधते हुए कांग्रेस ने कहा कि हिंदू मुस्लिम वोटों के ध्रुवीकरण के लिए ही बीजेपी एआईएमआईएम का इस्तेमाल करती है. कांग्रेस ने तर्क देते हुए कहा कि एआईएमआईएम तेलंगाना राज्य में ही सिर्फ 9 सीटों पर चुनाव लड़ती है, जबकि असदुद्दीन ओवैसी और उनकी पार्टी का आधार ही तेलंगाना का हैदराबाद है. कांग्रेस ने सवाल खड़े किए कि जब ओवैसी तेलंगाना में सिर्फ 9 सीटों पर चुनाव लड़ते हैं तो फिर बिहार के सीमांचल में ओवैसी की पार्टी 24 सीटों पर चुनाव किसकी मदद से लड़ रही है?
कांग्रेस का कहना है कि तेलंगाना की सत्ताधारी पार्टी टीआरएस मोदी समर्थक है और ओवैसी का पार्टी का तेलंगाना में टीआरएस से गठबंधन है. इसी तरह बिहार में एआईएमआईएम का बसपा के साथ गठबंधन है जबकि बसपा ने हाल ही में बीजेपी को समर्थन देने की बात कही है.