इंदिरा गांधी ने सोचा था कि जेपी से बैठक के बाद बिहार आंदोलन थम जाएगा. इसके लिए उन्होंने भ्रष्टाचार उन्मूलन, शैक्षिक सुधार, राजनीतिक बंधियों को रिहा करने से लेकर सीएम अब्दुल गफूर को बर्खास्त कर बिहार में राष्ट्रपति शासन तक लागू करने के प्रस्ताव रखे थे. लेकिन जेपी बिहार विधानसभ भंग करने पर अड़े थे. इंदिरा ने इनकार कर दिया. बातचीत टूट गई. कहते हैं जेपी ने उसी वक्त इंदिरा से कह दिया कि अब सामना चुनाव मैदान में होगा. देखें वीडियो.