Chhattisgarh Poll Results: छत्तीसगढ़ विधानसभा में हुए चुनाव का परिणाम सामने आ गया है. यहां बीजेपी को प्रचंड बहुमत मिला है. इसे बेहद करिश्माई चुनाव परिणामों के तौर पर देखा जा रहा है. असल में यहां एग्जिट पोल में निवर्तमान सीएम भूपेश बघेल की सरकार के दोबारा बनने का अनुमान था, लेकिन असल परिणाम इसके विपरीत आए. सीएम बघेल भले ही अपनी सीट बचाने में कामयाब रहे, लेकिन कांग्रेस राज्य में चुनाव हार गई. बीजेपी को बंपर जीत मिली.
छत्तीसगढ़ में ये रहे चुनाव परिणाम
छत्तीसगढ़ में 90 सीटों पर चुनाव लड़े गए थे. 3 दिसंबर रविवार को आए चुनाव परिणाम में सामने आया कि भाजपा ने यहां 90 में से 54 सीटों पर बाजी मारी है. बहुमत का आंकड़ा 46 पर है, जिसे बीजेपी ने दोपहर में ही पार कर लिया था. कांग्रेस यहां काउंटिंग के बीच में ही हांफती दिखी. अब तक आए आंकड़ों के मुताबिक कांग्रेस को 35 सीटें मिली हैं. यहां अन्य को 1 सीट मिली है. छत्तीसगढ़ में काउंटिंग पूरी हो गई है. कांग्रेस से डिप्टी सीएम टीएस सिंह देव समेत कई मंत्रियों को करारी शिकस्त मिली है. सीएम बघेल ने देर शाम राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया है.
बीजेपी पार्लियामेंट्री बोर्ड की बैठक
पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों में चार के परिणाम आने के बाद अब आज रविवार को ही, बीजेपी पार्लियामेंट्री बोर्ड की बैठक हुई. बीजेपी पार्लियामेंटरी बोर्ड को राज्यों के पर्यवेक्षकों के नाम तय करने थे. अब अगला प्लान ये है कि इसके साथ ही तीनों राज्यों में केंद्रीय पर्यवेक्षक जायेंगे. पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में विधायक दल की मीटिंग में सीएम नाम फ़ाइनल किया जाएगा.
रमन सिंह, अरुण साव या विजय बघेल... छत्तीसगढ़ में सीएम कौन?
छत्तीसगढ़ में भी चुनाव जीतने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि सूबे की सत्ता कौन संभालेगा. सीएम की कुर्सी पर रमन सिंह का दावा खारिज तो नहीं किया जा सकता लेकिन ये उतना मजबूत भी नहीं नजर आ रहा. रमन सिंह के अलावा छत्तीसगढ़ बीजेपी अध्यक्ष अरुण साव, सांसद विजय बघेल, सरोज पांडे, बृजमोहन अग्रवाल, रेणुका सिंह और ओपी चौधरी के नाम भी सीएम रेस में हैं.
बीजेपी को 90 में से 54 सीटें हासिल
बता दें कि, भाजपा ने रविवार को छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को सत्ता से बेदखल कर दिया है. पार्टी ने राज्य विधानसभा की 90 सीटों में से 54 सीटें जीत लीं, जबकि सबसे पुरानी पार्टी को 35 सीटें मिलीं, जो पिछले चुनाव में मिली 68 सीटों से बहुत दूर है. एक चुनाव अधिकारी ने बताया कि गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने एक सीट जीती. वहीं, इस करारी हार के बाद भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया.
सीएम रहे बघेल ने सौंपा इस्तीफा
बघेल ने राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन को अपना इस्तीफा सौंपने के बाद राजभवन के बाहर संवाददाताओं से कहा. “मैं लोगों के जनादेश का सम्मान करता हूं. कांग्रेस विपक्ष में सकारात्मक भूमिका निभाएगी.” बघेल ने कहा कि चुनाव में कांग्रेस की हार के कारणों का विश्लेषण के बाद पता चलेगा. उन्होंने कहा, "भाजपा को लोगों का जनादेश मिला है और मैं उन्हें बधाई देता हूं."
भूपेश बघेल ने भाजपा के विजय बघेल को हराया
बघेल ने भाजपा के विजय बघेल को 19,723 वोटों से हराकर अपनी पाटन विधानसभा सीट बरकरार रखी. छत्तीसगढ़ के निवर्तमान उपमुख्यमंत्री टी एस सिंह देव अंबिकापुर निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के राजेश अग्रवाल से हार गए. 2018 के चुनाव में देव ने बीजेपी के अनुराग सिंह देव को 39,624 वोटों के अंतर से हराकर यह सीट जीती थी. 26 विधानसभा सीटों वाले सरगुजा और बस्तर के दो आदिवासी बहुल संभाग, जिन्होंने 2018 में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की शानदार जीत में बड़ा योगदान दिया था, इस बार भाजपा के पास चले गए हैं.
2018 में कैसा रहा था चुनाव
2018 के चुनावों में, कांग्रेस ने सरगुजा संभाग में अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित नौ सहित सभी 14 सीटें जीतीं. बस्तर संभाग में 12 सीटें हैं, जिनमें से 11 एसटी के लिए आरक्षित हैं. 2018 के चुनावों में कांग्रेस ने इन 12 सीटों में से 11 सीटें जीती थीं, जबकि भाजपा केवल दंतेवाड़ा में जीतने में सफल रही थी. कांग्रेस 2018 में 90 सदस्यीय विधानसभा में 68 सीटों के साथ समाप्त हुई थी, जिससे भाजपा का 15 साल का शासन समाप्त हो गया था, जो सिर्फ 15 सीटें जीत सकी थी.
2023 में बीजेपी ने जीती सरगुजा संभाग की 14 सीटें
2023 के चुनावों में, जिसके नतीजे रविवार को घोषित किए गए, भाजपा ने सरगुजा संभाग की सभी 14 सीटें जीत ली हैं. उसने अंबिकापुर, मनेंद्रगढ़, बैकुंठपुर, प्रेमनगर, प्रतापपुर, रामानुगंज, सामरी, लुंड्रा, सीतापुर, जशपुर, कुनकुरी, भटगांव, भरतपुत-सोनहत और पत्थलगांव खंड से जीत हासिल की है. भाजपा द्वारा किए गए वादे, जिसे उसने मोदी की गारंटी 2023' के रूप में प्रचारित किया था, ने आदिवासी बहुल राज्य में उसके पक्ष में काम किया है, जहां वह प्रचंड बहुमत हासिल करने के लिए तैयार है.
बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र से मारा मैदान
2018 के विधानसभा चुनावों में, कांग्रेस ने तत्कालीन भाजपा सरकार के खिलाफ मजबूत सत्ता विरोधी लहर और सबसे पुरानी पार्टी के मुफ्त और कल्याणकारी उपायों के वादे के कारण भारी जीत दर्ज की थी. बीजेपी ने इस बार अपने घोषणा पत्र में छत्तीसगढ़ के लिए 'मोदी की गारंटी 2023' नाम से लोकलुभावन वादे किए हैं. इनमें प्रति एकड़ 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल धान की खरीद और महतारी वंदन योजना के तहत विवाहित महिलाओं को 12,000 रुपये की वार्षिक वित्तीय सहायता शामिल है.
जेपी नड्डा ने कही ये बात
छत्तीसगढ़ में भाजपा को चुनने के लिए जनता जनार्दन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नतीजे संकेत देते हैं कि भारत की जनता मजबूती से सुशासन और विकास की राजनीति के साथ है. केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा, ''छत्तीसगढ़ के आदिवासी, गरीब, किसान बहनों और भाइयों ने पीएम मोदी पर भरोसा जताया है और बीजेपी को प्रचंड बहुमत का आशीर्वाद दिया है.''
राज्य में कांग्रेस में रहा था आपसी संघर्ष
7 और 17 नवंबर को दो चरणों में हुए राज्य विधानसभा चुनावों से पहले, कांग्रेस पार्टी छत्तीसगढ़ में विभाजित थी, लेकिन उसने सीएम भूपेश बघेल के मुख्य प्रतिद्वंद्वी, राज्य मंत्री टीएस सिंह देव को इस साल जून में उपमुख्यमंत्री के रूप में ऊपर उठाकर मतभेदों को कम करने की कोशिश की. दूसरी ओर, भाजपा सीएम पद के लिए स्पष्ट उम्मीदवार के बिना ही चुनाव में उतरी थी. 2018 के चुनाव में कांग्रेस ने बीजेपी के सत्ता में आने के 15 साल के सफर को खत्म कर दिया था और भूपेश बघेल सीएम बने थे.
90 सदस्यीय छत्तीसगढ़ विधानसभा में कांग्रेस के 71, भाजपा के 13, जेसीसी (जे) के 3 और बसपा के 2 सदस्य हैं जबकि एक सीट खाली है. एक चुनाव अधिकारी ने बताया कि 90 सदस्यीय छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में वोटों की गिनती रविवार सुबह 8 बजे शुरू हुई, सुरक्षाकर्मी राज्य के 33 जिलों में मतगणना केंद्रों पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं, जिनमें वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) से प्रभावित जिले भी शामिल हैं.