बिहार में बेरोजगारी बड़ी समस्या रही है. रोजगार की बात होती है लेकिन रोजगार के अभाव में लोग बिहार से पलायन करते रहे हैं. यह बिहार का कड़वा सच भी है. चुनाव से पहले बेरोजगारी को मुद्दा बनाते हुए तेजस्वी यादव ने कहा था कि उनकी सरकार बिहार में बनी तो पहली कैबिनेट की मीटिंग में 10 लाख युवाओं को रोजगार देने का काम किया जाएगा. इस बयान पर अब बिहार सरकार के पीएचईडी मंत्री ने तेजस्वी यादव पर जमकर हमला बोला है.
एमएलसी चुनाव प्रचार के लिए दरभंगा पहुंचे बिहार सरकार के पीएचईडी मंत्री विनोद नारायण झा ने अपने उम्मीदवार की जीत को सुनिश्चित बताया. जबकि उनसे राजद द्वारा 10 लाख नौकरियां देने के सवाल पूछा गया तो तेजस्वी यादव पर हमला बोल दिया. उन्होंने कहा तेजस्वी यादव बिहार में 10 लाख लोगों को पिस्टल या कट्टा बांट कर क्या रोजगार देंगे? क्या बिहार में फिर अपहरण उद्योग शुरू किया जाएगा?
विनोद नारायण झा यहीं नहीं रुके बल्कि तेजस्वी पर हमला करते रहे. उन्होंने कहा कि जिन्होंने अपनी शिक्षा पूरी नहीं की वे क्या रोजगार देंगे? साथ ही विनोद नारायण झा ने लालू-राबड़ी राज की याद ताजा करते हुए आरोप भी लगाए कि जिन्होंने रेलवे की नौकरी देने के नाम पर लोगों से जमीन ली, कई मंत्री और नेता का नाम लेते हुए कहा कि पार्टी में टिकट, मंत्री बनाने पर जमीन रजिस्ट्री कराई वे लोग बिहार में रोजगार देने की बात किस मुंह से करते हैं.
विनोद नारायण झा ने तेजस्वी को घेरते हुए कहा कि तेजस्वी यादव अपने माता-पिता की असफलता को छुपा रहे हैं. जिन्होंने बिहार में जंगल राज स्थापित कर दिया और हजारों करोड़ों रुपये गलत तरीके से अर्जित किए. मंत्री जी ने सलाह देते हुए कहा कि तेजस्वी यादव गलत तरीके से अर्जित की गई कमाई वाले पैसे गरीबों में पहले बांट दें तब उनकी बातों पर कोई विचार करेगा. विनोद नारायण झा ने कहा लालू-राबड़ी के 15 साल में मात्र 95 हजार लोगों को नौकरियां दी जबकि नीतीश सरकार में 6 लाख लोगों को नौकरियां दी गई हैं.
साथ ही एनडीए में चिराग पासवान की नाराजगी पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि चिराग पासवान एनडीए गठबंधन के साथ हैं. कहीं कोई नाराजगी नहीं है. कोई भी पार्टी जो गठबंधन में होती है तो ज्यादा सीटों की मांग करती है और यह कोई बुरी बात भी नहीं है. सभी पार्टी चाहती हैं उनका प्रभाव ज्यादा हो कोई विवाद नहीं, हम सब साथ हैं.
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