पंजाब में बड़े सियासी भूचाल की वजह से अपनी कुर्सी गंवा चुके कैप्टन अमरिंदर सिंह के बाद गोवा में भी कांग्रेस के लिए स्थिति कुछ खास अच्छी नहीं है. चुनाव से कुछ महीने पहले ही पार्टी राज्य में बिखरती दिख रही है. गोवा कांग्रेस का सबसे बड़ा चेहरा अब ममता बनर्जी की टीएमसी में जा सकता है.
गोवा कांग्रेस को लग सकता है बड़ा झटका
हम बात कर रहे हैं गोवा के पूर्व सीएम और कांग्रेस के दिग्गज नेता लुइजिन्हो फेलेरो की जो आज (सोमवार) शाम 4.30 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने जा रहे हैं. ऐसी खबर है कि वे कांग्रेस छोड़ टीएमसी का दामन थाम सकते हैं. अभी तक आधिकारिक तौर पर तो कुछ नहीं कहा जा रहा है, लेकिन लुइजिन्हो फेलेरो के तमाम बयान इस ओर इशारा कर रहे हैं. रविवार को ही पत्रकारों से बातचीत के दौरान फेलेरो ने स्वीकार किया था कि गोवा कांग्रेस में सबकुछ ठीक नहीं है. उनके मुताबिक कई अंसतुष्ट विधायक टीएमसी ज्वाइन कर सकते हैं.
अब लुइजिन्हो फेलेरो ने खुद किसी टीएमसी नेता से मिलने की खबर को खारिज कर दिया है लेकिन इतना जरूर कहा है कि काफी सोच-विचार के बाद उन्होंने अपना मन बना लिया है. उनका ये बयान ही अटकलों के बाजार को गर्म कर रहा है और उनकी टीएमसी ज्वाइन करने वाली खबरों को बल दे रहा है.
कौन हैं लुइजिन्हो फेलेरो?
वैसे लुइजिन्हो फेलेरो को कांग्रेस नेता राहुल गांधी का करीबी माना जाता है. चुनाव से पहले पार्टी द्वारा उन्हें समन्वय समिति का प्रमुख बना दिया गया था. ऐसे में अगर अब उस नई जिम्मेदारी के मिलने के बाद फेलेरो ने कांग्रेस छोड़ दी तो ये पार्टी के लिए बड़ी किरकिरी साबित होगा. लुइजिन्हो फेलेरो कांग्रेस के काफी पुराने सिपाही हैं. वे 1980 से Navelim सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. अगर 2007 और 2012 के चुनाव को छोड़ दिया जाए, तो लुइजिन्हो फेलेरो ने इस सीट पर हमेशा जीत का परचम लहराया है.
ममता की पार्टी गोवा में क्यों सक्रिय?
लेकिन अब चुनाव से पहले कांग्रेस को सबसे बड़ा झटका लग सकता है. अगर लुइजिन्हो फेलेरो ने कांग्रेस छोड़ टीएमसी का हाथ थाम लिया तो इससे ममता की पार्टी को खुद को गोवा की राजनीति में सक्रिय करने का बड़ा मौका मिल जाएगा. वैसे इससे पहले भी टीएमसी गोवा में अपनी किस्मत आजमा चुकी है. पार्टी ने 2012 के चुनाव अपने उम्मीदवार उतारे थे. लेकिन तब पार्टी एक भी सीट जीतने में कामयाब नहीं रही थी और उसका वोट शेयर भी 2 प्रतिशत से कम रहा था.
लेकिन अब फिर गोवा में ममता की पार्टी अपनी किस्मत आजमाने जा रही है. ममता पहले ही ऐलान कर चुकी हैं कि इस बार गोवा का विधानसभा चुनाव लड़ा जाएगा. पार्टी के बड़े नेता भी लगातार राज्य का दौरा कर रहे हैं. ऐसे में अगर टीएमसी को लुइजिन्हो फेलेरो का साथ मिल जाता है तो इससे कांग्रेस को बड़ा सियासी नुकसान उठाना पड़ सकता है.