scorecardresearch
 

गोवा में महिलाओं को साध सरकार बनाना चाहती हैं ममता बनर्जी, किया ये बड़ा ऐलान

सीएम ममता बनर्जी ने ऐलान किया है कि पश्चिम बंगाल की तर्ज पर गोवा में भी गृह लक्ष्मी योजना शुरू की जाएगी. इस योजना के जरिए हर महिला को अपने खाते में महीने के 5000 रुपये दिए जाएंगे.

Advertisement
X
सीएम ममता बनर्जी
सीएम ममता बनर्जी
स्टोरी हाइलाइट्स
  • गोवा में महिलाओं को साध सरकार बनाना चाहती हैं ममता बनर्जी
  • बंगाल के तर्ज पर देना चाहती हैं आर्थिक सहायता

गोवा चुनाव में इस बार ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी पूरी ताकत झोंक रही है. इसी कड़ी में ममता बनर्जी ने गोवा रण जीतने की अपनी रणनीति तैयार कर ली है. इस रणनीति के केंद्र में महिला वोटरों को रखा गया है.

Advertisement

गोवा चुनाव में ममता का महिलाओं पर दांव

सीएम ममता बनर्जी ने ऐलान किया है कि पश्चिम बंगाल की तर्ज पर गोवा में भी गृह लक्ष्मी योजना शुरू की जाएगी. इस योजना के जरिए हर महिला को अपने खाते में महीने के 5000 रुपये दिए जाएंगे. ऐसे में साल के कुल 60,000 रुपये देने की तैयारी है. पार्टी के गणित पर विश्वास करें तो इस योजना पर कुल खर्च 1500-2000 करोड़ के बीच रहेगा और ये गोवा बजट का 6-8% रहने वाला है.

टीएमसी ने जोर देकर कहा है कि इस योजना का लाभ गोवा के सभी 3.5 लाख परिवारों को दिया जाएगा. हर महिला को सशक्त करने के लिए इस योजना को सरकार बनते ही लागू कर दिया जाएगा. अब जिस स्कीम के जरिए गोवा में सरकार बनाने के सपने देखे जा रहे हैं, दूसरे नाम से यही स्कीम पश्चिम बंगाल में हिट मानी गई है.

Advertisement

एक योजना, बंगाल में हिट गोवा में क्या होगा?

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी ने 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान ऐलान किया था कि वे पूरे राज्य में लखीर भंडार योजना लागू करेंगी. उस योजना के तहत महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जाएगी. उस योजना के तहत बंगाल में SC/ST समुदाय की महिलाओं को हर महीने हजार रुपये मिलते हैं और जनरल कैटेगरी वाली महिलाओं को 500 रुपये दिए जाते हैं. अब टीएमसी विश्वास जता रही है कि ये स्कीम उन्हें गोवा में भी लोकप्रिय बना सकती है और देश के सबसे छोटे राज्य में उनकी पहली बार सरकार बन सकती है.

वैसे गोवा चुनाव के लिए सीएम ममता बनर्जी खुद सक्रिय भूमिका निभा रही हैं. वे लगातार राज्य का दौरा कर रही हैं और कांग्रेस-बीजेपी के कई असंतोष विधायकों को अपने पाले में कर रही हैं. अब ऐसा कर चुनाव में उन्हें कितना फायदा पहुंचता है, ये कुछ महीनों में स्पष्ट हो जाएगा.

Advertisement
Advertisement