Gujarat Panchayat Aajtak: अहमदाबाद में आयोजित पंचायत आजतक में गृहमंत्री अमित शाह ने MBBS की पढ़ाई क्षेत्रीय भाषा में कराए जाने को लेकर अपने विचार रखे. उन्होंने कहा कि जर्मनी के डॉक्टर जर्मनी में पढ़ते हैं, जापान और चीन के डॉक्टर वहां की भाषा में पढ़ाई करते हैं, तो फिर भारत में ऐसा क्यों नहीं हो सकता.
गृहमंत्री ने कहा कि अगर जापान के डॉक्टर पूरे विश्व में मेडिकल साइंस में सहयोग दे सकते हैं, तो केरल का डॉक्टर ये काम मलयाली में भी कर सकता है. उन्होंने कहा कि दुनियाभर के शिक्षाविद् मानते हैं कि रिसर्च और डवलपमेंट का काम मातृभाषा में मौलिक होता है औऱ बेहतर होता है.
ये भी पढ़ें: इकोनॉमी पर बोले अमित शाह-चश्मा बदलने की जरूरत है ये V शेप की ग्रोथ है
'5 फीसदी बच्चे ही अंग्रेजी माध्यम में पढ़ रहे'
अमित शाह ने कहा कि अंग्रेजी माध्यम को थोपकर देश के 5 फीसदी टैलेंट का ही उपयोग कर रहे हैं. देश के 5 फीसदी बच्चे ही अंग्रेजी माध्यम में पढ़ रहे हैं. हम चाहते हैं कि 100 फीसदी टैलेंट का इस्तेमाल हो.
'गुजरात विकास के रास्ते पर है'
पंचायत आजतक में अमित शाह ने कहा कि गुजरात को विकास के रास्ते पर ले जाने का काम हुआ है. ये वही गुजरात हैं जहां कभी 365 में से 250 दिन कर्फ्यू रहता था. उन्होंने कहा कि हम हर बार चुनाव जीते हैं. हर बार गुजरात की जनता ने हमें आशीर्वाद दिया है.
ये भी पढ़ें: अमित शाह ने बताई राम मंदिर निर्माण की तारीख, कहा- जनवरी 2024 का टिकट बुक करा लो
त्रिकोणीय जंग पर क्या बोले अमित शाह?
अमित शाह ने कहा कि नतीजे आने पर ही पता चलेगा कि त्रिकोणीय जंग हुई या नहीं. उन्होंने कहा कि लड़ाई कांग्रेस और बीजेपी के बीच में है. बीजेपी ने कोई भी फ्रंटल अटैक नहीं किया है. लेकिन जब आरोप लगते हैं तो जवाब देने का हमारा दायित्व है. उन्होंने कहा कि दिखाई पड़ने वाला त्रिकोणीय मुकाबला 4 बार हुआ, जब शंकर सिंह वाघेला और केशू भाई पटेल ने अपनी पार्टी बनाई थी. इससे पहले चीमन भाई पटेल ने अपनी पार्टी बनाई और कांग्रेस के बड़े नेता रतु भाई अडानी ने भी पार्टी बनाई थी. लेकिन चारों ही बार, जनता ने द्विपक्षीय जंग को ही ठप्पा लगाया. इस बार भी लड़ाई भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच में है.
ये भी पढ़े: राहुल की भारत जोड़ो यात्रा पर बोले अमित शाह- मैं सार्वजनिक जीवन में परिश्रम का समर्थक
कांग्रेस को लेकर कही ये बात
गृह मंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और भारत जोड़ो यात्रा पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. अमित शाह ने कहा कि जो भी सार्वजनिक जीवन में परिश्रम करता है, वे उसका समर्थन करते हैं, वे इस बात के समर्थक हैं. जनता तय करेगी कि वो कितना सफल होंगे. हमारा भरोसा तो हमारी विचारधारा पर है.
ये भी देखें