गुजरात में एक हीरा व्यापारी का BJP ज्वॉइन करना नया सियासी अखाड़ा बन गया है. विधानसभा चुनाव से पहले ऐसा होने की बड़ी वजह भी है. ये हीरा व्यापारी अपने कर्मचारियों पर आम आदमी पार्टी (AAP) का प्रचार करने को लेकर पाबंदी लगा चुका है. ऐसे में आम आदमी पार्टी को बीजेपी पर हमलावर होने का मौका भी मिल गया है.
सूरत के हीरा कारोबारी दिलीप धापा ने हाल ही में बीजेपी के राज्य मुख्यालय 'श्री कमलम' में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की. उनके अपने कर्मचारियों को AAP का प्रचार करने से रोकने की आम आदमी पार्टी ने आलोचना की है. AAP का कहना है कि बीजेपी लोगों और नागरिकों की आजादी पर प्रतिबंध लगाने को बढ़ावा दे रही है.
दिलीप धापा को BJP में शामिल कराने की एक फोटो पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सी. आर. पाटिल ने अपने ट्विटर पर भी शेयर की थी. साथ ही लिखा था-मैं सूरत के हीरा व्यापारी दिलीप धापा का बीजेपी में आने का स्वागत करता हूं. उन्होंने अपनी फैक्टरी के एम्प्लॉइज को रेवड़ियां बेचने वाली पार्टी का प्रचार करने से रोक दिया था, साथ ही चेतावनी भी दी थी कि ऐसा करने वाले को नौकरी से निकाल दिया जाएगा. ऐसा उन्होंने स्वेच्छा से किया था.
પોતાના કારખાનામાં રેવડી વેચનારની પાર્ટીનો પ્રચાર નહીં કરવાનો તેમજ જો કોઈ કરશે તો તેમને નોકરી માંથી છુટા કરવામાં આવશે તેવી જાહેરાત જેમણે સ્વયંભૂ કરી હતી એ સુરતના હીરા ઉદ્યોગપતિ શ્રી દિલીપભાઈ ઢાપાનું પ્રદેશ કાર્યાલય શ્રી કમલમ્ ખાતે ભાજપામાં સ્વાગત કર્યું. pic.twitter.com/FqJAbRWaZU
— C R Paatil (@CRPaatil) September 27, 2022
गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी के नेशनल कन्वेनर अरविंद केजरीवाल ने गुजरात चुनावों के लिए कई 'गारंटी' का एलान किया है. बीजेपी उनके इन चुनावी वादों को 'मुफ्त रेवड़ी बांटना' करार देती है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी कई मौकों पर आम आदमी पार्टी का नाम लिए बिना 'रेवड़ी कल्चर' की बात कर चुके हैं.
वहीं सी. आर. पाटिल के ट्वीट को लेकर आम आदमी पार्टी के जनरल सेक्रेटरी इशुदान गढ़वी ने हमला बोला है. उन्होंने कहा कि वो ऐसे इंसान की तारीफ कर रहे हैं जो लोगों की आजादी को दबाना चाहता है.
गढ़वी ने अपने ट्वीट में कहा, ''लोकतंत्र में लोगों को अपनी पसंद की पार्टी चुनने का अधिकार है. आप लोगों का अधिकार छीनने वाले व्यक्ति को बढ़ावा देकर, क्या गुजरात को गुंडा-राज बनाना चाहते हैं. ऐसे आदमी को बढ़ावा देना चाहते हैं जो लोगों को उनकी नौकरी से निकालने की धमकी देता हो?''
નોકરી આપી નથી શકતા અને લોકશાહીમાં પોતાની મરજી મુજબ ક્યાં મત આપવો એનો કોઈ અધિકાર છીનવે અને નોકરીમાંથી છુટા કરવાની ધમકી આપે એનું સન્માન કરીને શું ગુજરાતને ગુંડા રાજમાં ફેરવવા માંગો છો ?આવી હલકી માનસિકતા લાવો છો ક્યાંથી ?ભાઉના રાજમાં ગુજરાતીઓની નોકરી પણ જઈ રહી છે !ગુજરાતીઓ જાગો https://t.co/EVRj1Q7sj3
— Isudan Gadhvi (@isudan_gadhvi) September 27, 2022
गढ़वी ने कहा कि ये लोग (BJP) कहां से ऐसी सोच लाते हैं. एक तरफ ये लोग लोगों को रोजगार नहीं दे सकते, और अब गुजराती लोगों को अपनी मौजूदा नौकरी से भी हाथ धोना होगा? ये गुजराती समाज के लोगों के लिए जागने का समय है.