गुजरात विधानसभा चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज है. राज्य में बीजेपी लगातार 6 चुनावों से जीत दर्ज करती आ रही है. लेकिन अभी भी कुछ सीटें ऐसी जहां कांग्रेस अपनी पकड़ बनाए हुए है. ऐसी ही एक सीट के बारे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं. यह सीट है अरवल्ली जिले की भिलोडा विधानसभा सीट. यहां अभी कांग्रेस का झंडा लहरा रहा है. आइए जानते हैं भिलोडा विधानसभा सीट के बारे में...
क्या है मतदाता समीकरण
भिलोडा निर्वाचन क्षेत्र में कुल 3 लाख 9 हजार 982 मतदाता हैं. जिनमें 1 लाख 57 हजार 229 पुरुष, 1 लाख 52 हजार 738 महिला मतदाता और 15 अन्य मतदाता हैं. जहां तक जातिगत समीकरण का सवाल है भिलोडा मेघरज तहसील में आदिवासी समुदाय की आबादी अधिक है. इसलिए राजनीतिक दल कई वर्षों से भिलोडा निर्वाचन क्षेत्र में आदिवासी समुदाय के उम्मीदवारों का चयन करते आ रहे हैं. इसके अलावा ठाकोर और पटेलों की आबादी भी काफी है. दूसरी ओर, मेघरज तहसील में अल्पसंख्यक वोट करीब 7 प्रतिशत है. इसमें ईसाई समुदाय के लोग भी शामिल हैं.
क्या है सियासी समीकरण
यह सीट सालों से कांग्रेस का गढ़ रही है. सियासी गलियारों में चर्चा है कि इस बार इस सीट पर सत्ता परिवर्तन हो सकता है, जोकि आने वाला वक्त ही तय करेगा. पांच बार विधायक रहे डॉ. अनिल जोशीयारा के निधन के बाद उनके बेटे केवल जोशीयारा हाल ही में 1500 कार्यकर्ताओं के साथ बीजेपी में शामिल हुए हैं. ऐसे में हर कोई देख रहा है कि क्या आने वाले विधानसभा चुनाव में यहां क्या परिवर्तन होगा. ये संभावना जरूर जताई जा रही है कि अनिल जोशीयारा के बेटे को बीजेपी से टिकट मिलने पर चुनाव काफी दिलचस्प और कांग्रेस के लिए कठिन हो सकता है.
इस सीट पर जनता की समस्याएं
भिलोड़ा में कोई बड़ी उद्योग नहीं है, इसलिए युवाओं के सामने रोजगार की समस्या है. भिलोड़ा क्षेत्र में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर लोग लंबे समय से आवाज उठा रहे हैं. अच्छा अस्पताल ना होने के कारण कई बार लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि आदिवासी इलाकों में विकास के मामले में सरकार पिछड़ी है. जिले के बंटवारे के बाद हमें यहां अस्पताल तक नहीं मिला.
पिछले चुनाव का परिणाम
कांग्रेस: अनिल जोशियारा को 95 हजार 719 वोट मिले
बीजेपी: पी. सी. बरंडा को 83 हजार 302 वोट मिले