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Gujarat Election 2022: साल 1990 से अब तक...जानिए देवगढ़ बारिया विधानसभा सीट का सियासी समीकरण

Gujarat Election 2022: गुजरात की बारिया विधानसभा सीट पर साल 2017 में कांग्रेस के वाखला भरतसिंह प्रतापभाई और बीजेपी के बचुभाई मगनभाई खाबड़ के बीच मुकाबला था. इसमें बीजेपी के मगनभाई खाबड़ की जीत हुई थी. वहीं, बीजेपी के बचुभाई मगनभाई ने 2012 के चुनाव में 1 लाख 13 हजार वोट पाकर एनसीपी के भुपेंद्र सिंह चौहान के खिलाफ जीत दर्ज की थी.

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गुजरात विधानसभा चुनाव, सांकेतिक तस्वीर
गुजरात विधानसभा चुनाव, सांकेतिक तस्वीर

गुजरात विधानसभा चुनाव को देखते हुए आज हम आपको बताने जा रहे हैं दाहोद जिले की एक महत्वपूर्ण विधानसभा सीट के बारे में. यह सीट है देवगढ़ बारिया विधानसभा सीट. जोकि राजनीतिक समीकरण के लिहाज से बेहद अहम है.

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दाहोद जिले में 75 प्रतिशत आदिवासी हैं. इसमें सबसे ज्यादा भील और पटेलिया समुदाय के आदिवासी रहते हैं. इसलिए देवगढ़ बरिया में आदिवासी वोटरों का भी दबदबा है. इस सीट पर कुल 2 लाख 22 हजार 384 मतदाता हैं. जिसमें हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, जैन धर्म आदि के मतदाता हैं. पिछले दो चुनाव में इस सीट से बीजेपी की जीत हुई है. 

साल 2017 में देवगढ़ बारिया से कांग्रेस के वाखला भरतसिंह प्रतापभाई और बीजेपी के बचुभाई मगनभाई खाबड़ के बीच मुकाबला था. इसमें बीजेपी के मगनभाई खाबड़ की जीत हुई थी. वहीं, बीजेपी के बचुभाई मगनभाई ने 2012 के चुनाव में 1 लाख 13 हजार वोट पाकर एनसीपी के भुपेंद्र सिंह चौहान के खिलाफ जीत दर्ज की थी.

साल 1990 से अब तक के चुनावों पर नजर डालें तो इस सीट पर अब तक दो बार कांग्रेस, तीन बार बीजेपी और एक बार 2007 में एनसीपी के नेता विधानसभा सदस्य बने हैं. 2002 में यहां बीजेपी के बचुभाई ने जीत दर्ज की थी.

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बात अगर इस सीट पर लोगों की समस्याओं की करें तो कई क्षेत्र पिछड़े हैं. बुनियादी सुविधाओं जैसे परिवहन, पेयजल, किसानों को सिंचाई का पानी, चिकित्सा सेवाओं और शिक्षा की कमी के कारण क्षेत्र पिछड़ा हुआ है. लोगों का कहना है कि नेता चुनाव के समय आते हैं. इसके बाद वो दिखाई नहीं पड़ते. आगामी विधानसभा चुनाव में जनता किसे आशीर्वाद देगी ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा. लेकिन कहा जा रहा है कि इस बार इस सीट पर चुनावी मुकाबला काफी दिलचस्प होने वाला है.

 

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