गुजरात विधानसभा चुनाव को लेकर राज्य की हर विधानसभा सीट पर सियासी पारा हाई है. आज हम आपको दाहोद जिले की गरबाडा विधानसभा सीट के बारे में बताने जा रहे हैं.
गरबाडा सीट पर पिछले 10 साल से कांग्रेस का शासन है. इस सीट पर आदिवासी समुदाय का अधिक दबदबा है. साल 2012 में गरबाडा को विधानसभा सीट का दर्जा मिला था. वर्तमान में कांग्रेस चंद्रिकाबेन बारीया यहां के विधायक हैं. इस निर्वाचन क्षेत्र में कुल 105 गांव हैं. जिसमें 90 प्रतिशत आदिवासी समाज की आबादी है. इससे पता चलता है कि चुनाव में आदिवासी समाज महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
बात अगर इस निर्वाचन क्षेत्र की समस्याओं की करें तो गरबाड़ा सीट पर कई समस्याओं को लेकर लोगों में गुस्सा है. पेयजल, सड़क व साफ-सफाई की समस्या को लेकर लोगों में असंतोष है. इस क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या सिंचाई का पानी है. जिससे किसान परेशान हैं. युवाओं के लिए रोजगार भी एक सवाल है. स्थानीय स्तर पर कोई बड़ा उद्योग ना होने के कारण लोगों को रोजगार और आजीविका के लिए अन्य क्षेत्रों में जाना पड़ता है.
पिछले चुनाव परिणाम पर नजर डालें तो साल 2017 में गरबाडा से कांग्रेस के बारीया चंद्रीकाबेन छगनभाई ने 64 हजार वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी. वहीं बीजेपी के भाभोर महेंद्रभाई रमेशभाई को 48 हजार वोट मिले थे. इनके साथ बसपा, जेडीयू के उम्मीदवार भी अपनी किस्मत आजमा रहे थे. इन कैंडिडेट को 2 से तीन हजार ही वोट मिले.
गरबाडा में साल 2012 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के चंद्रिकाबेन को 69 हजार से अधिक वोट मिले थे, वहीं बीजेपी उम्मीदवार मोहिन्द्राबेन अजितसिंह राथौड़ को 33 हजार के करीब वोट ही मिले थे. यह एक आरक्षित (सीट) है. साल 2012 में इस विधानसभा क्षेत्र में वोटर्स की संख्या 2 लाख 8 हजार थी.